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Telegram भारत में अस्थायी रूप से हुआ बैन, री-Neet परीक्षा से पहले उठाया गया सख्त कदम

Telegram ऐप को भारत में अस्थायी रूप से बैन कर दिया गया है। यह कार्रवाई री-Neet एग्जाम को ध्यान में रखकर की गई है।

Edited by Ajay Verma |Published: Jun 16, 2026, 11:47 AM (IST)

भारत में NEET-UG की परीक्षा दोबारा होने वाली है, जिसको ध्यान में रखकर पॉपुलर मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम (Telegram) पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। यह रोक सरकार की नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने लगाई है। माना जा रहा है कि यह कदम एग्जाम को सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है। आपको बता दें कि पिछले महीने यानी मई में यह परीक्षा होने वाली थी, लेकिन प्रश्न पत्र के लीक होने की वजह से इसे रद्द कर दिया गया।

National Testing Agency (NTA) के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत टेलीग्राम को 22 जून तक बैन करने का आदेश दिया है। एग्जाम पेपर को सिक्योर रखने के लिए ऐप के मैसेज एडिट (Message Edit) फीचर को भी 30 जून तक सस्पेंड किया है। इससे भेजे गए मैसेज को एडिट नहीं किया जा सकेगा।


चैनल पर भी लगा बैन

नीट यूजी री-एग्जाम को ध्यान में रखकर भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने NTA और राज्य पुलिस के साथ मिलकर कई टेलीग्राम चैनल, ग्रुप और बॉट्स पर भी बैन लगाया गया है। इन सभी का इस्तेमाल पेपर से जुड़ी जानकारी दी जा रही थी। साथ ही, उम्मीदवारों को ध्यान भटकाया जा रहा था।

क्यों लगाया गया बैन ?

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो अक्सर देखा गया है कि पेपर लीक के मामलों में टेलीग्राम का नाम आता है। इस प्लेटफॉर्म का उपयोग गैर कानूनी सामान बेचने और खरीदने के लिए किया जाता है। साथ ही, स्कैमर्स भी इस ऐप का फायदा उठाकर लोगों को शिकार बनाते हैं। यही कारण है कि 21 जून को होने वाले री-नीट एग्जाम को सुरक्षित तरीके से कराने के लिए फैसला लिया गया है।

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क्या है Neet ?

बता दें कि NEET की फुल फॉर्म नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट है। इस परीक्षा को भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में एडमिशन के लिए हर साल आयोजित किया जाता है। इस एग्जाम को सबसे पहले साल 2013 में आयोजित किया गया था।