Written By Ajay Verma
Published By: Ajay Verma | Published: May 05, 2026, 11:24 AM (IST)
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पिछले कुछ वर्षों में AI (Artificial Intelligence) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल जितनी तेजी से बढ़ा है, उतनी ही तेजी से इससे जुड़े स्कैम के मामले भी बढ़े हैं। इसमें जालसाज AI की मदद से नकली मैसेज, ईमेल, आवाज और वीडियो तैयार करके लोगों को ठग लेते हैं। यह स्कैम इतना रियल लगता है कि असली और नकली की पहचान करना बहुत मुश्किल हो जाता है। इस वजह से सतर्क रहना बहुत जरूरी है। हम आपको इस टेक गाइड में एआई स्कैम के बारे में विस्तार से बताएंगे। इसके साथ यह भी बताएंगे कि इस धोखाधड़ी की पहचान व बचने के तरीके भी बताएंगे, जिससे आपकी निजी जानकारी और जमा-पूंजी पूरी तरह से सुरक्षित रहेगी। और पढें: AI Deepfake Scam: नकली वीडियो बनाकर ठगी को दिया अंजाम, ऐसे करें खुद का बचाव
आज के डिजिटल दौर में होने वाला यह एआई स्कैम बहुत आधुनिक है। इस अपराध को अंजाम देने के लिए साइबर ठग डीप फेक वीडियो, फर्जी ईमेल से लेकर वॉइस क्लोन करके परिचित लोगों की आवाज निकाल कर लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। इस स्कैम का मुख्य उद्देश्य टारगेट की निजी जानकारी चुराना और बैंक अकाउंट खाली करना है। और पढें: Mothers Day पर मां को तोहफे में दें ये स्मार्टफोन, कीमत 10000 रुपये से भी कम
एआई स्कैम को पहचानना थोड़ा मुश्किल है, लेकिन बारीक चीजों को गौर से देखा जाए, तो इस अपराध की पहचान की जा सकती है। हम आपको यहां कुछ तरीके बताने जा रहे हैं, जिनपर ध्यान देकर आप स्कैम को पकड़ सकेंगे। और पढें: अब इंसानों की तरह सीखने लगा AI, Anthropic के Claude में आया खास फीचर
ज्यादातर स्कैमर्स एआई की मदद से लोगों के परिचित की आवाज को कॉपी करके ठगी को अंजाम देते हैं। ऐसी वॉइस में गैप आता है और सांस लेने की आवाज नहीं आती है। साथ ही, बैकग्राउंड में शांति बनी रहती है। इन प्वाइंट पर ध्यान देकर क्लोन वॉइस की पहचान की जा सकती है।
डीपफेक वीडियो की पहचान करने के लिए सबसे पहले वीडियो में मौजूद कैरेक्टर की आंखों के झपकने के साथ-साथ चेहरे के किनारों और लिप सिंक पर ध्यान दें। यदि इन सब में फर्क दिखाई दे रहा है, तो समझ जाए कि वीडियो नकली है।
आपके पास कोई लिंक या मैसेज आया है, जो दिखने में बिल्कुल असली लग रहा है, लेकिन उसका ईमेल एड्रेस व यूआरएल अजीब है, तो मुमकिन है कि उसे आपको शिकार बनाने के लिए एआई की मदद से तैयार किया गया है।
इस तरह की धोखाधड़ी से खुद का बचाव करने के लिए नीचे कुछ टिप्स दिए गए हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपने डेटा और बैंक अकाउंट को सिक्योर रख सकते हैं।
अगर आपका रिश्तेदार या फिर दोस्त आपसे पैसे मांगे या फिर बैंकिंग डिटेल की जानकारी मांगे, तो तुरंत उस कॉल पर भरोसा न करें। सबसे पहले उस दोस्त या परिचित को खुद कॉल करके पुष्टि करें। इस तरह आप स्कैम से बच जाएंगे और आपका पैसा व डेटा सुरक्षित रहेगा।
एआई की मदद से आसानी से नकली वॉइस और वीडियो बनाई जा सकती है। यदि कोई आपको ऑडियो या वीडियो भेजता है, तो उस पर विश्वास न करें। इस कंटेंट की जांच करें।
साइबर ठग हमेशा जल्दबाजी व दबाव बनाकर लोगों को ठगने का प्रयास करते हैं। इस स्थिति में अपने दिमाग को शांत रखें और सोचकर कदम उठाएं। जल्दीबाजी में लिया गया फैसला आपको बहुत नुकसान पहुंचा सकता है।
स्मार्टफोन कंपनियां यूजर्स को सुरक्षित रखने के लिए समय-समय पर सिक्योरिटी अपडेट जारी करती रहती हैं। इन अपडेट को जरूर डाउनलोड करें। इससे आप और आपका फोन पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा।