Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Nov 11, 2025, 06:49 PM (IST)
Smartphone Charging Safety
आजकल स्मार्टफोन और चार्जर दोनों में अत्याधुनिक सुरक्षा टेक्नोलॉजी मौजूद हैं लेकिन सवाल यह उठता है कि जब आप अपने लो-वॉटेज फोन को हाई-वॉट चार्जर से चार्ज करते हैं तो क्या यह सुरक्षित है या बैटरी को नुकसान पहुंचा सकता है? उदाहरण के लिए, क्या आप कभी 18W के फोन को 120W के फास्ट चार्जर से चार्ज करते हैं? कई लोग जल्दी में तेज चार्जिंग के लिए हाई-वॉट चार्जर का इस्तेमाल कर लेते हैं, भले ही उनके फोन की बैटरी क्षमता कम हो। अगर आपको भी इस बात की चिंता रहती है कि हाई-वॉट चार्जर से फोन फट सकता है या बैटरी खराब हो सकती है तो जान लें कि आज के स्मार्टफोन और चार्जर में ऐसी टेक्नोलॉजी होती है जो इस डर को काफी हद तक कम कर देती है।
असल में हाई-वॉट चार्जर का इस्तेमाल करना पूरी तरह सुरक्षित है, अगर आप 18W वाले फोन को 80W, 100W या 120W वाले चार्जर से जोड़ते हैं तो फोन या बैटरी को कोई नुकसान नहीं होगा। इसका कारण है एक खास टेक्नोलॉजी जिसे Power Negotiation Protocol कहते हैं। यह टेक्नोलॉजी फोन और चार्जर के बीच कम्युनिकेट करती है। फोन को अपने लिए कितनी बिजली चाहिए, तो वह बताता है और चार्जर सिर्फ उतनी ही बिजली देता है। इस तरह चार्जर ज्यादा बिजली देने की कोशिश नहीं करता और फोन की बैटरी हमेशा सुरक्षित रहती है।
Power Negotiation Protocol का काम बहुत सरल है। जब आप फोन को चार्जर से जोड़ते हैं, तो चार्जर और फोन कम्युनिकेट करते हैं। फोन चार्जर को बताता है कि उसे कितनी बिजली चाहिए और चार्जर केवल उतनी ही देता है। उदाहरण के लिए अगर आप 18W फोन को 80W चार्जर से जोड़ते हैं तो चार्जर सिर्फ 18W बिजली देगा। इस टेक्नोलॉजी से बैटरी के ओवरहीट होने या किसी प्रकार के नुकसान का खतरा नहीं रहता। यह सिस्टम न सिर्फ बैटरी की सुरक्षा करता है बल्कि चार्जिंग प्रक्रिया को भी नियंत्रित करता है।
इसके अलावा ज्यादातर स्मार्टफोन Battery Management System (BMS) के साथ आते हैं। यह सिस्टम Power Negotiation Protocol के साथ मिलकर काम करता है और चार्जिंग के दौरान वॉल्टेज, तापमान और करंट को नियंत्रित करता है। अगर बैटरी अत्यधिक गर्म होने लगे या वोल्टेज में कोई अस्थिरता आए, तो BMS तुरंत चार्जिंग बंद कर देता है। इस तरह Power Negotiation Protocol और Battery Management System मिलकर फोन की बैटरी को पूरी तरह से सुरक्षित रखते हैं और तेज चार्जिंग के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या से बचाते हैं।