Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Apr 21, 2026, 03:07 PM (IST)
Minor PPF account guide: Everything parents need to know before investing
भारत में बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए Public Provident Fund (PPF) एक बेहद भरोसेमंद ऑप्शन बनता जा रहा है। आज के समय में बढ़ती शिक्षा और लाइफस्टाइल की लागत को देखते हुए माता-पिता जल्दी निवेश शुरू करना चाहते हैं, ताकि आगे चलकर बच्चों की पढ़ाई और जरूरतों में कोई परेशानी न हो। PPF एक लंबी अवधि का निवेश ऑप्शन है, जिसे भारत सरकार का समर्थन प्राप्त है, इसलिए इसमें जोखिम बहुत कम होता है, खास बात यह है कि इसे बच्चों के नाम पर भी खोला जा सकता है। छोटे-छोटे निवेश से शुरू होकर यह योजना समय के साथ एक मजबूत फंड में बदल सकती है, जिससे बच्चे का भविष्य आर्थिक रूप से सुरक्षित बनता है।
बच्चों के लिए PPF खाता खोलना आसान है, लेकिन इसके लिए कुछ जरूरी नियमों का पालन करना होता है। सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि नाबालिग (माइनर) खुद से खाता नहीं खोल सकता, बल्कि उसके माता-पिता या कानूनी अभिभावक ही यह प्रक्रिया पूरी करते हैं। एक बच्चे के नाम पर केवल एक ही PPF खाता खोला जा सकता है। दादा-दादी भी खाता खोल सकते हैं, लेकिन केवल तभी जब वे कानूनी अभिभावक हों। इसके अलावा बच्चा भारतीय नागरिक होना चाहिए। इस खाते में न्यूनतम 500 रुपये सालाना जमा करना जरूरी है, जबकि अधिकतम सीमा 1.5 लाख रुपये प्रति वित्तीय वर्ष है। यह सीमा अभिभावक के सभी PPF खातों को मिलाकर तय होती है, इसलिए निवेश करते समय इस बात का ध्यान रखना जरूरी है।
अगर आप अपने बच्चे के लिए PPF खाता खोलना चाहते हैं, तो इसकी प्रक्रिया काफी सरल है…
PPF खाते का एक बड़ा फायदा इसका टैक्स बेनिफिट है। आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत इसमें निवेश पर छूट मिलती है और सबसे खास बात यह है कि इसमें मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी राशि पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है, जरूरत पड़ने पर कुछ वर्षों बाद आंशिक विड्रॉल की सुविधा भी मिलती है, जबकि विशेष परिस्थितियों जैसे मेडिकल इमरजेंसी या उच्च शिक्षा के लिए समय से पहले खाता बंद किया जा सकता है।