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YouTube के नए CEO बने नील मोहन, जिन्हें Twitter न जाने के लिए Google ने दिए थे 544 करोड़

Google ने YouTube के नए CEO के पद पर भारतीय मूल के नील मोहन को नियुक्त किया है। नील मोहन को Twitter नहीं जाने देने के लिए गूगल ने सालों पहले 544 करोड़ रुपये खर्च किए थे।

Published By: Harshit Harsh | Published: Feb 17, 2023, 09:12 AM (IST)

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Highlights

  • Google ने यूट्यूब के नए CEO के पद पर नील मोहन को नियुक्त किया है।
  • YouTube CEO Susan Wojcicki ने 16 फरवरी को इस्तीफा दे दिया था।
  • नील भारतीय मूल के हैं और कंपनी के साथ 15 साल से जुड़े हैं।
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Google की वीडयो प्लेटफॉर्म YouTube के CEO Susan Wojcicki ने कल यानी 16 फरवरी को इस्तीफा दे दिया। उनकी जगह गूगल ने भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक नील मोहन (Neel Mohan) को YouTube का नया CEO नियुक्त किया है। गुरुवार 16 फरवरी को इस्तीफा देने वाले Wojcicki पिछले 9 साल से वीडियो स्ट्रीमिंग और शेयरिंग प्लेटफॉर्म YouTube को लीड कर रहे थे। भारतीय मूल के नील मोहन पैरेंट कंपनी Alphabet और Google CEO सुंदर पिचाई, Microsoft CEO सत्य नडेला जैसे दिग्गज बिजनेस लीडर की लिस्ट में शामिल हो गए हैं। आइए, जानते हैं नील मोहन के बारे में… news और पढें: YouTube ने TV App के लिए नया इंटरफेस किया लॉन्च, जानें क्या हैं बड़े बदलाव

कौन हैं नील मोहन?

YouTube के नए CEO नील मोहन अमेरिका के मिशिगन और फ्लोरिडा में पले-बढ़े हैं। उन्होंने 1996 में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग की डिग्री ली थी। बाद में उन्होंने इसी यूनिवर्सिटी से एबीए किया था। करियर की शुरुआत में नील मोहन सॉफ्टवेयर सर्विसेज वाली कंपनी Accenture से जुड़े थे। इसके बाद नील कई और आईटी कंपनियों में काम करने के बाद साल 2008 में गूगल के कर्मचारी बने थे। YouTube के CEO बनने से पहले वो इसके चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर के तौर पर काम कर रहे थे। news और पढें: YouTube पर गुनगुनाकर गाना कैसे सर्च करें? जानें यहां

YouTube के नए CEO नील मोहन को टेक्नोलॉजी की अच्छी समझ है साथ ही वो बिजनेस स्ट्रेटेजी बनाने के एक्सपर्ट माने जाते हैं। अब तक के अपने टेन्योर में नील यूट्यूब के मोनेटाइजेशन पॉलिसी में कई बदलाव कर चुके हैं। CEO के पद पर नियुक्त करके गूगल ने उन्हें एक और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।

इस तरह मिला 544 करोड़ का ऑफर

2008 में नील डबल क्लिक नाम की एक कंपनी में कार्यरत थे। गूगल ने डबल क्लिक को टेकओवर कर लिया, जिसके साथ गूगल में नील की पारी शुरू हुई। 2013 में गूगल ने नील को एडवर्टाइजिंग प्रोडक्ट्स के उपाध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया था। इसी साल ट्विटर ने नील को ऑफर दिया था। गूगल के अधिकारियों को जैसे ही इस बात का पता चला उन्होंने नील को उस समय 100 मिलियन डॉलर्स यानी 544 करोड़ रुपये का बोनस दिया था। नील को गूगल ने यह बोनस कंपनी को नहीं छोड़ने के लिए दिया था। 100 मिलियन डॉलर पाने वाले नील कंपनी के चेयरमैन एरिस श्मिट के अलावा एकलौते शख्स हैं।