Written By Ashutosh Ojha
Edited By: Ashutosh Ojha | Published By: Ashutosh Ojha | Published: May 13, 2026, 11:12 AM (IST)
Space Survival Explained
पृथ्वी हमारे सौरमंडल का एकमात्र ऐसा ग्रह है जहां इंसान आराम से जिंदा रह सकता है क्योंकि यहां सही Atmosphere, Oxygen और Protective Magnetic Field मौजूद है, लेकिन बाकी सात ग्रह बहुत अलग और खतरनाक हैं। कुछ ग्रहों पर इतनी ज्यादा गर्मी या ठंड है कि इंसान तुरंत मर सकता है, तो कुछ पर हवा इतनी जहरीली या भारी है कि सांस लेना भी नामुमकिन है। कुछ ग्रहों की कोई ठोस सतह ही नहीं है, इसलिए वहां खड़ा होना भी संभव नहीं है। आइए जानते हैं अगर कोई इंसान सौरमंडल के अलग-अलग ग्रहों पर जाए तो उसके शरीर के साथ क्या होगा और वह कितनी देर तक जीवित रह पाएगा…
Mercury ग्रह सूरज के सबसे करीब है, इसलिए यहां दिन में बहुत ज्यादा गर्मी होती है, लगभग 800°F तक। यहां कोई Atmosphere नहीं है, सिर्फ बहुत पतली गैसों की परत है, इसलिए सूरज की किरणें सीधे सतह तक पहुंचती हैं। रात में यहां तापमान -290°F तक गिर जाता है, यानी बहुत ज्यादा ठंड। यहां हवा नहीं है, इसलिए इंसान सांस भी नहीं ले सकता। दिन में जलकर और रात में जमकर मरने जैसी स्थिति होती है। इसलिए बुध ग्रह इंसानों के लिए बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है।
Venus ग्रह आकार में पृथ्वी जैसा है, लेकिन यहां की स्थिति बहुत खतरनाक है। इसका Atmosphere बहुत घना है और इसमें ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड है। यह गैसें गर्मी को रोक लेती हैं, जिससे यहां तापमान इतना ज्यादा हो जाता है कि सीसा भी पिघल सकता है। यहां हवा इतनी भारी है कि इंसान का शरीर दब सकता है। साथ ही यहां सांस लेना भी नामुमकिन है। अगर कोई इंसान यहां जाए, तो वह गर्मी, दबाव और जहरीली हवा के कारण जिंदा नहीं रह सकता।
Mars ग्रह को भविष्य में इंसानों के रहने के लिए सबसे अच्छा ऑप्शन माना जाता है। यहां गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी का लगभग एक-तिहाई है, इसलिए आप हल्का महसूस करेंगे और ऊंची छलांग लगा सकते हैं, लेकिन यहां हवा बहुत पतली है और ऑक्सीजन बहुत कम है। तापमान दिन में थोड़ा गर्म और रात में बहुत ठंडा हो जाता है। यहां धूल भरी तेज हवाएं भी चलती हैं। इंसानों को यहां रहने के लिए स्पेशल सूट और बंद घरों की जरूरत होगी।
Jupiter सबसे बड़ा ग्रह है और यह एक गैस जाइंट है, यानी इसकी कोई ठोस सतह नहीं है। यह ज्यादातर हाइड्रोजन और हीलियम गैसों से बना है, जिन्हें इंसान सांस के रूप में नहीं ले सकता। यहां बहुत खतरनाक रेडिएशन होता है जो इंसान को जल्दी नुकसान पहुंचा सकता है। अगर कोई नीचे जाने की कोशिश करे, तो दबाव और तापमान इतना बढ़ जाता है कि जिंदा रहना नामुमकिन है। यह ग्रह इंसानों के लिए पूरी तरह खतरनाक है।
Saturn भी एक गैस से भरा हुआ ग्रह है और इसकी कोई ठोस जमीन नहीं है। यहां आप नीचे जाते ही गैसों के अंदर गिरते चले जाएंगे। यहां हाइड्रोजन और हीलियम गैसें हैं, जिन्हें सांस नहीं लिया जा सकता। Saturn पर बहुत तेज हवाएं चलती हैं जो 1000 mph से भी ज्यादा हो सकती हैं। अंदर जाने पर दबाव इतना बढ़ जाता है कि कोई भी चीज कुचल सकती है। इसलिए यहां इंसानों का रहना बिल्कुल असंभव है।
Uranus ग्रह बहुत दूर होने की वजह से बेहद ठंडा है। यहां तापमान -320°F तक गिर जाता है। यह एक Ice Giant है जिसमें पानी, अमोनिया और मीथेन मौजूद हैं। यहां बहुत तेज हवाएं भी चलती हैं, जैसे-जैसे आप अंदर जाते हैं, दबाव बहुत बढ़ जाता है। नीचे जाकर तापमान बहुत ज्यादा गर्म भी हो सकता है। यानी यहां पहले ठंड से जमना और फिर अंदर गर्मी से पिघलना दोनों स्थितियां हो सकती हैं।
Neptune ग्रह भी एक Ice Giant है और बहुत दूर होने के कारण यहां बहुत ठंड है, लगभग -346°F तक। यहां की हवाएं सौरमंडल में सबसे तेज होती हैं, लगभग 1200 mph तक। यहां का वातावरण हाइड्रोजन, हीलियम और मीथेन से बना है, इसलिए यहां सांस लेना संभव नहीं है। अंदर की तरफ जाने पर दबाव और तापमान बहुत बढ़ जाता है, जहां शायद पानी जैसी गर्म परतें मौजूद हो सकती हैं। यह ग्रह भी इंसानों के लिए बहुत खतरनाक है।