comscore

OPPO, OnePlus, Xiaomi के स्मार्टफोन से होती है यूजर्स की जासूसी!

OnePlus, Xiaomi, Realme, Oppo जैसी चीनी कंपनियां यूजर के निजी डेटा की चोरी करते हैं। एक रिसर्च स्टडी में दावा किया गया है कि इन ब्रांड्स के एंड्रॉइड स्मार्टफोन में प्री-इंस्टॉल्ड जासूसी ऐप्स होते हैं।

Published By: Harshit Harsh | Published: Feb 13, 2023, 04:34 PM (IST)

  • whatsapp
  • twitter
  • facebook

Highlights

  • चीनी स्मार्टफोन ब्रांड्स को लेकर एक नई रिसर्च स्टडी सामने आई है।
  • OnePlus, Xiaomi, Oppo, Realme के फोन में जासूसी ऐप्स का दावा किया गया है।
  • रिसर्च के मुताबिक, ज्यादातर एंड्रॉइड स्मार्टफोन से निजी डेटा की चोरी की जाती है।
techlusive.in Written By article news

Written By

  • whatsapp
  • twitter
  • facebook

Xiaomi, OnePlus, Oppo, Realme जैसी चीनी कंपनियां अपने स्मार्टफोन में स्पाईवेयर यानी जासूसी ऐप रखते हैं। यूनिवर्सिटी ऑफर एडिनबर्ग और ट्रिनिटी कॉलेज डबलिन की एक रिसर्च रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, कई चीनी एंड्रॉइड स्मार्टफोन कंपनियां अपने डिवाइस में जासूसी ऐप (Spyware) पहले से इंस्टॉल करके रखते हैं। स्टडी में चीनी ब्रांड्स वनप्लस, शाओमी, ओप्पो और रियलमी का नाम सामने आया है। ये ब्रांड्स स्मार्टफोन यूजर्स की निजी जानकारियां बिना अनुमति के इकट्ठा और संचारित करते हैं। news और पढें: WhatsApp का बड़ा अलर्ट, फर्जी ऐप से हो रही जासूसी, ऐसे करें खुद का बचाव

निजी डेटा की होती है चोरी

चीन इस समय दुनिया का सबसे बड़ा स्मार्टफोन बाजार है, जहां 70 प्रतिशत एंड्रॉइड स्मार्टफोन यूजर्स हैं। रिसर्च स्टडी के मुताबिक, इन ब्रांड्स के स्मार्टफोन में कई सिस्टम और वेंडर ऐप्स बाई डिफॉल्ट इंस्टॉल होते हैं, जिनको डिवाइस के कई परमिशन दिए जाते हैं। ये ऐप्स यूजर्स द्वारा स्मार्टफोन पर किए गए एक्टिविटी की जानकारी कलेक्ट करते हैं, जिनमें डिवाइस इंफॉर्मेशन के साथ-साथ, लोकेशन, यूजर प्रोफाइल, सोशल रिलेशनशिप आदि शामिल हैं। news और पढें: iPhone यूजर्स के लिए सरकार की चेतावनी, नहीं कया यह काम तो होगा बहुत नुकसान

रिसर्च में पाया गया कि चीनी स्मार्टफोन कंपनियां अपने स्मार्टफोन में जो स्पाईवेयर ऐप्स प्री-इंस्टॉल करते हैं, वो यूजर्स की जानकारी के बिना उनकी निजी डेटा को चुराते रहते हैं। स्टडी के मुताबिक, जो यूजर्स प्राइवेसी कंसर्न हैं और एनालिटिक्स और क्लाउड स्टोरेज आदि के परमिशन नहीं देते हैं। साथ ही, किसी थर्ड-पार्टी सर्विस का इस्तेमाल नहीं करते हैं उनके स्मार्टफोन से भी ये ऐप्स डिवाइस की आइडेंटिटी, GPS को-ओर्डिनेट्स, ऐप यूसेज पैटर्न, कॉल और मैसेज की हिस्ट्री और कॉन्टैक्ट नंबर आदि चुराते रहते हैं। यूजर्स के पास इन ऐप्स को ऑप्ट-आउट करने का कोई विकल्प नहीं होता है। इन चुराए गए डेटा को ट्रैकिंग के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

चीन में स्मार्टफोन खरीदना खतरनाक

इस रिसर्च में जो डिवाइसेज इस्तेमाल किए गए हैं वो मुख्य तौर पर चीन में बेचे जाते हैं और लोकल एंड्रॉइड डिस्ट्रीब्यूशन पर काम करते हैं। ऐसे में अन्य देशों के एंड्रॉइड यूजर्स इसकी वजह से प्रभावित नहीं होंगे। हालांकि, जो पर्यटक, छात्र और बिजनेस ट्रैवलर्स चीन में जाकर किसी एंड्रॉइड स्मार्टफोन को खरीदते हैं उनके लिए खतरा है। उन्हें इन बातों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है कि चीनी कंपनियों के एंड्रॉइड स्मार्टफोन खरीदने के बाद उनकी कोई भी जानकारी निजी नहीं रहेगी। उनके निजी डेटा का इस्तेमाल करके उनकी जासूसी की जा सकती है।

Add Techlusive as a Preferred SourceAddTechlusiveasaPreferredSource

आमतौर पर अन्य बाजार में बिकने वाले चीनी कंपनियों के स्मार्टफोन में ज्यादा प्री-इंस्टॉल्ड ऐप्स मिलते हैं। चीन में तो प्री-इंस्टॉल्ड ऐप्स की संख्या काफी ज्यादा है। हालांकि, यूरोप या अन्य रीजन में इंटरनेशनल रेगूलेशन और पॉलिसी की वजह से यूजर्स परमिशन को मैनेज कर सकते हैं, लेकिन चीन से खरीदे जाने वाले डिवाइसेज के जरिए आसानी से जासूसी की जा सकती है।