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OpenAI ChatGPT में नए हाई-कंप्यूट फीचर्स लाने जा रही, इनमें से कुछ केवल मिलेंगे सिर्फ Pro यूजर्स के लिए

OpenAI ChatGPT में जल्द ही नए हाई-कंप्यूट फीचर्स आने वाले हैं, ये फीचर्स सिर्फ Pro यूजर्स के लिए होंगे। क्या यह नया अपडेट ChatGPT को और भी पावरफुल और स्मार्ट बना देगा? आइए जानते हैं इसके फायदे...

Published By: Ashutosh Ojha | Published: Sep 22, 2025, 05:19 PM (IST)

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news और पढें: ChatGPT में आया ये धमाकेदार फीचर, यूजर्स को मिलेगा ये बड़ा फायदा

OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने हाल ही में घोषणा की है कि कंपनी ChatGPT में भारी कंप्यूटेशन वाले फीचर्स जोड़ने जा रही है। ये नए फीचर्स केवल ChatGPT Pro सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध होंगे। सैम ऑल्टमैन ने बताया कि इन फीचर्स को लाने की वजह से होने वाले अतिरिक्त खर्च को देखते हुए पहले इन्हें सिर्फ Pro यूजर्स तक सीमित रखा गया है। इसके अलावा कुछ नए प्रोडक्ट्स के लिए अलग से शुल्क भी लिया जा सकता है। news और पढें: अब बिना इंसान की इजाजत AI लेगा फैसले! Anthropic के Claude Code में आया ये खास फीचर

Pro यूजर्स को क्या-क्या फायदे मिलेंगे?

सैम ऑल्टमैन ने बताया कि अगले कुछ हफ्तों में Pro यूजर्स को मॉडल के ज्यादा रिसोर्स-इंटेंसिव टास्क करने की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य Intelligence की लागत को कम करना है। इस साल की शुरुआत में OpenAI ने भारत में ChatGPT Go लॉन्च किया था, जिसकी कीमत मात्र ₹399 प्रति माह रखी गई थी। हालांकि बड़े कंप्यूटेशन वाले टास्क के लिए अब Pro प्लान लेना होगा, जिसकी कीमत ₹19,900 प्रति माह है। इस प्लान में अनलिमिटेड मैसेज, इमेज क्रिएशन और Sora वीडियो जनरेशन जैसे कई एक्स्ट्रा फीचर्स भी मिलते हैं। news और पढें: AI वीडियो बनाने वाला ऐप Sora जल्द होगा बंद, कंपनी ने किया कंफर्म

OpenAI क्यों टेस्ट कर रही है मॉडल की क्षमता?

सैम ऑल्टमैन ने यह भी कहा कि OpenAI अपने Large Language Models (LLMs) की सीमाओं को जानना चाहती है। उन्होंने बताया कि कंपनी यह देखना चाहती है कि जब हम वर्तमान मॉडल की लागत पर ज्यादा कंप्यूटेशन लगाते हैं, तो क्या-क्या नया संभव है, यानी OpenAI का मकसद सिर्फ नए फीचर्स देना नहीं बल्कि यह भी समझना है कि मॉडल कितनी क्षमता तक काम कर सकता है।

AI इंडस्ट्री में बबल का खतरा है क्या?

हाल ही में टेक दुनिया में Artificial Intelligence (AI) को लेकर बड़ी चर्चाएं हो रही हैं। Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग ने Access पॉडकास्ट में माना कि AI इंडस्ट्री में एक बबल बनना “काफी संभव” है। जुकरबर्ग ने कहा कि वह बेहतर यही समझते हैं कि AI रेस में पीछे न रह जाएं, भले ही इसमें अरबों डॉलर का निवेश खतरे में हो। सैम ऑल्टमैन ने भी इसी तरह की राय जताई और कहा कि निवेशक AI को लेकर बहुत उत्साहित हो रहे हैं, जो अक्सर बबल की स्थिति पैदा करता है। फिर भी उन्होंने जोर देकर कहा कि Artificial Intelligence बहुत लंबे समय में सबसे जरूरी खोजों में से एक है।

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