Edited By: Harshit Harsh | Published By: Harshit Harsh | Published: May 09, 2023, 12:34 PM (IST)
ChatGPT के मिसयूज का पहला मामला सामने आया है, जिसमें यूजर ने ट्रेन क्रैश की फर्जी अफवाह फैला दी। चीनी पुलिस ने एक शख्स को इस मामले में गिरफ्तार किया है। शख्स ने ChatGPT AI टूल का इस्तेमाल करके फर्जी न्यूज बनाई और इसे कई अकाउंट्स से पोस्ट कर दिया। यह मामला चीन के गांसू प्रोविंस का है, जिसमें हांग सरनेम के शख्स पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी के गलत इस्तेमाल का आरोप लगा है। हांग ने इस टूल के जरिए फर्जी न्यूज बनाई और उसे कई सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर कर दी। यूजर के पोस्ट के बाद अफरा-तफरी मच गई। और पढें: OpenAI ने पेश किया अपना पहला AI Chip, जानिए क्या है खास
OpenAI का यह टूल जब से लॉन्च हुआ है, चर्चा में बना हुआ है। हालांकि, यह पहला मामला है, जिसमें इसके गलत इस्तेमाल की बात सामने आई है। चीनी पुलिस के साइबर डिवीजन ने हांग के खिलाफ दायर किया है। हांग ने ChatGPT के माध्यम से फर्जी न्यूज बनाया, जिसमें लिखा था कि 25 अप्रैल को दक्षिण चीन में एक लोकल ट्रेन दुर्घटना का शिकार हो गई, जिसमें 9 लोगों की जान चली गई। और पढें: ChatGPT में अब मिलेगा ‘Mini Apps’ का मजा, Spotify, Canva और बाकी ऐप्स सीधे चैट में करें इस्तेमाल
साइबर पुलिस ने जांच में पाया कि इस फर्जी न्यूज को बाइजिझाऊ के 20 से ज्यादा अकाउंट्स से चीनी सर्च इंजन Baidu पर पोस्ट किया गया है। फर्जी न्यूज के आते ही इसे कुछ ही समय में 15 हजार से ज्यादा क्लिक मिले। गांसू पब्लिक सिक्योरिटी डिपार्टमेंट का कहना है कि हांग को इस अपराध के लिए 5 साल की अधिकतम सजा मिल सकती है। और पढें: ChatGPT से बिल्कुल न पूछें ये 5 सवाल, वरना खानी पड़ेगी जेल की हवा
पुलिस का कहना है कि ChatGPT द्वारा क्रिएट किए गए इस फर्जी न्यूज आर्टिकल की जांच करने पर यह पता चला कि हांग की कंपनी द्वारा यह पोस्ट किया गया है। यह पर्सनल मीडिया प्लेटफॉर्म को शेनजेन प्रांत में रजिस्टर्ड है। अगर, हांग की गलती गंभीर पाई गई तो उसे 10 साल की जेल भी हो सकती है। पुलिस ने उसके घर और कम्प्यूटर की जांच करने के बाद हांग को डिटेन कर लिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस द्वारा दिए स्टेटमेंट में हांग ने माना है कि उसने डुप्लीकेट चेक फंक्शन को बाईपास करके फर्जी न्यूज को कई प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी हांग पिछले साल से ChatGPT का इस्तेमाल करके तेजी से आर्टिकल पब्लिश कर रहा है। बता दें कि ChatGPT आधिकारिक तौर पर चीन में उपलब्ध नहीं है। वह VPN का इस्तेमाल करके ChatGPT को चीन में इस्तेमाल कर रहा था।
पिछले साल नवंबर में ChatGPT के लॉन्च होने का बाद चीनी सर्च इंजन Baidu ने भी अपना जेनरेटिव AI टूल लाने की घोषणा की थी। चीन में कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ-साथ गूगल का सर्च इंजन भी बैन है। चीनी सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स इस्तेमाल करने वाले 592 मिलियन यानी 59.2 करोड़ यूजर्स को Firewalls के जरिए मॉनिटर करती है।