Published By: Harshit Harsh | Published: Apr 13, 2023, 05:02 PM (IST)
ChatGPT AI टूल लॉन्च के बाद ही चर्चा में बना हुआ है। Microsoft द्वारा फंड की गई कंपनी OpenAI के इस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल से आप इंसानों की तरह सवाल पूछ सकते हैं, जिसका यह फटाफट उत्तर दे देता है। इस टूल को बनाने वाली कंपनी OpenAI ने एक बग बाउंटी प्रोग्राम की शुरुआत की है। इस प्रोग्राम के तहत ChatGPT AI टूल में बग यानी खामी ढूढ़ंने वाले को 20,000 डॉलर (लगभग 16.36 लाख रुपये) इनाम देने की घोषणा की है। और पढें: ChatGPT में नया Lockdown Mode हुआ रिलीज, ऐसे Prompt Injection Attacks से करेगा बचाव
OpenAI Bug Bounty प्रोग्राम को इस सप्ताह लॉन्च किया गया है, जिसमें बग रिपोर्ट करने वाले यूजर्स को प्रति खामी 200 डॉलर यानी करीब 16,367 रुपये दिए जाएंगे। टेक्नोलॉजी कंपनियां अक्सर इस तरह के बग बाउंटी प्रोग्राम लाती हैं, जिसकी मदद से किसी भी सॉफ्टवेयर की खामियों को दूर किया जा सकता है। इस तरह के प्रोग्राम सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स और एथिकल हैकर्स को आर्थिक तौर पर फायदा पहुंचाते हैं। और पढें: ChatGPT हुआ डाउन, यूजर्स को आई सवाल पूछने, नया अकाउंट बनाने और लॉग-इन करने में दिक्कत
BugCrowd की रिपोर्ट के मुताबिक, OpenAI ने ChatGPT के कुछ फीचर्स को टेस्ट करने के लिए रिसर्चर्स को भी बुलाया है और ऐसे फ्रेमवर्क पर काम कर रहा है, जिसके जरिए थर्ड पार्टी ऐप्लीकेशन डेटा को शेयर किया जा सके। इस प्रोग्राम में OpenAI द्वारा तैयार किया गया कोई गलत या मलिशियस कंटेंट शामिल नहीं है। OpenAI का यह कदम इस आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस टूल के इटली में बैन होने के बाद उठाया है। यही नहीं, अन्य यूरोपीय देश भी इस जेनरेटिव AI सिस्टम और सर्विसेज पर नजर रख रहे हैं। और पढें: फोटो असली है या AI? अब ऐसे चलेगा पता, ChatGPT और Gemini बताएगा तस्वीर का सच
नवंबर 2022 में लॉन्च होने के बाद से ही ChatGPT लोकप्रिय हो रहा है। कई देशों में इस टूल के इस्तेमाल को लेकर सवाल भी उठाए जा रहे हैं। अमेरिका के कुछ राज्यों में इस AI टूल को एजुकेशन सिस्टम में इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। यही नहीं, कई और देश भी AI टूल को एजुकेशन सिस्टम के लिए घातक बता रहे हैं। हालांकि, यह टूल कई बार अच्छे कारणों से भी चर्चा में रहा है।