Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Mar 25, 2026, 04:04 PM (IST)
China Dunhuang 12000 mirror Solar Plant
चीन के डुनहुआंग (Dunhuang) शहर में एक 100 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट है। यह प्लांट सूरज डूबने के बाद भी बिजली बना सकता है। यहां आम सोलर पैनल की जगह लगभग 12,000 छोटे-बड़े शीशे (हेलियोस्टैट्स) लगे हैं। ये शीशे सूरज की किरणों को एक ऊंची टावर की ओर मोड़ते हैं। टावर में किरणों की गर्मी इतनी ज्यादा होती है कि यह प्लांट के जनरेटर को चला कर बिजली बना सकती है।
यह सोलर प्लांट डुनहुआंग के रेगिस्तान में बनाया गया है। यहां बहुत बड़े और खुले मैदान हैं, इसलिए बड़े सोलर प्रोजेक्ट के लिए यह जगह बढ़िया है। इस प्लांट की शक्ति 100 मेगावाट है। इसमें लगे हजारों शीशे सूरज की रोशनी को टावर की तरफ भेजते रहते हैं। यह प्लांट काफी ज्यादा बिजली बनाता है।
China’s solar plant in Dunhuang uses 12,000 mirrors to focus sunlight onto a central tower, heating molten salt to extreme temperatures.
The real magic? It stores that heat so that power can be generated even after the sun goes down. pic.twitter.com/lDq0NB8jWl
— Harsh Goenka (@hvgoenka) March 24, 2026
इस प्लांट की सबसे खास बात यह है कि यह सूरज डूबने के बाद भी काम कर सकता है। टावर में सूरज की किरणों की गर्मी एक खास तरह के मोल्टेन साल्ट में जमा हो जाती है। यह मोल्टेन साल्ट एनर्जी को बैटरी की तरह रखता है। जब सूरज डूब जाता है, तो यह गर्मी पानी को भाप में बदलती है और भाप टरबाइन घुमा कर प्लांट को बिजली देती है। इस तरह यह प्लांट सूरज की रोशनी और स्टोर की हुई ऊर्जा दोनों से बिजली बनाता है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, यह टेक्नोलॉजी सोलर एनर्जी की सबसे बड़ी समस्या को हल करती है, यानी सूरज पर पूरी तरह निर्भर होना। अब प्लांट लगातार 24 घंटे बिजली बना सकता है। यह तरीका Fossil fuels कम इस्तेमाल करने में मदद करता है और बिजली के नेटवर्क को भी संतुलित रखता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह कदम Renewable Energy को सुरक्षित और सही तरीके से इस्तेमाल करने में बहुत मदद करेगा।