Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Sep 04, 2025, 03:17 PM (IST)
Apple to bring a dedicated app for its Siri just like ChatGPT and Gemini?
टेक्नोलॉजी की दुनिया में अब Apple भी AI पर बड़ा दांव लगाने जा रहा है। लीक रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी अपने वॉइस असिस्टेंट Siri को पूरी तरह से बदलने की योजना बना रही है। इसके लिए Apple एक नया AI-आधारित वेब सर्च सिस्टम बना रहा है, जिसे “World Knowledge Answers” कहा जा रहा है। यह सिस्टम इंटरनेट से जानकारी खोजकर उसे यूजर को चैट जैसी बातचीत के तरीके में पेश करेगा। यह बिल्कुल ChatGPT या Perplexity जैसे टूल्स की तरह काम करेगा। बताया जा रहा है कि यह नया Siri मार्च 2026 में iOS 26.4 अपडेट के साथ लॉन्च किया जा सकता है। और पढें: Apple iOS 27 अपडेट कब आएगा और इस बार क्या खास देखने को मिलेगा? रिपोर्ट्स में हुआ खुलासा
इस समय Siri और स्पॉटलाइट जैसे टूल्स सिर्फ आसान और सीधी जानकारी इंटरनेट से खोजकर दिखाते हैं, लेकिन Apple का नया सिस्टम इससे कहीं आगे होगा। World Knowledge Answers का मकसद है कि यूजर्स को मुश्किल सवालों के भी सरल और स्पष्ट जवाब मिलें। यह सिर्फ टेक्स्ट ही नहीं, बल्कि फोटो, वीडियो और लोकल पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट (जैसे पास के रेस्तरां, दुकानों या जगहों की जानकारी) भी दिखाएगा। इतना ही नहीं अगर कोई सवाल लंबा है तो यह सिस्टम उसे छोटे और आसान जवाब में बदलकर पेश करेगा। इस तरह Apple अपने यूजर्स को एक पूरी तरह से नया सर्च एक्सपीरियंस देने जा रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, Siri का यह नया AI सिस्टम तीन हिस्सों में काम करेगा। पहला होगा Planner, जो सवाल को समझकर सही सर्च ट्रिगर करेगा। दूसरा होगा AI-पावर्ड वेब सर्च टूल, जो इंटरनेट से जरूरी जानकारी खोजेगा। तीसरा होगा Summariser, जो सारी जानकारी को छोटा और आसान जवाब में बदल देगा। बताया जा रहा है कि जहां इस सिस्टम की मुख्य टेक्नोलॉजी Apple के खुद के Foundation Models पर चलेगी, वहीं कंपनी गूगल के Gemini AI मॉडल को Summariser के लिए इस्तेमाल कर सकती है। दोनों कंपनियों के बीच हाल ही में इसको लेकर समझौता हुआ है और यह मॉडल Apple के प्राइवेट क्लाउड सर्वर पर टेस्ट किया जाएगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि गूगल के अलावा Anthropic भी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बन सकता है। हालांकि एंथ्रोपिक ने अपनी टेक्नोलॉजी के लिए हर साल 1.5 अरब डॉलर (करीब 13,200 करोड़ रुपये) मांगे थे, जिसके बाद Apple पीछे हट गया। शुरुआत में Apple ने Perplexity को खरीदने पर भी विचार किया था, लेकिन अब कंपनी ने यह योजना छोड़ दी है। Apple का मकसद है कि वह खुद का इतना मजबूत सर्च टूल बनाए, जो सीधे Perplexity और दूसरे AI चैटबॉट्स से टक्कर ले सके। अगर यह योजना सफल होती है तो आने वाले समय में Siri न सिर्फ एक वॉइस असिस्टेंट रहेगा, बल्कि इंटरनेट सर्च का एक स्मार्ट और भरोसेमंद साथी भी बन जाएगा।