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Space के बारे में बचपन से सुनीं ये 5 बातें निकलीं झूठ, सच जानकर रह जाएंगे हैरान!

अंतरिक्ष की दुनिया हमेशा से लोगों की जिज्ञासा का केंद्र रही है, बचपन से हम अंतरिक्ष से जुड़ी कई बातें सुनते आए हैं, लेकिन इनमें से कुछ सिर्फ मिथक निकलीं। NASA की रिसर्च और अंतरिक्ष मिशनों ने ऐसे कई भ्रमों की सच्चाई सामने लाई है। आइए जानते हैं अंतरिक्ष से जुड़े 5 ऐसे मिथकों के बारे में, जो वास्तव में सच नहीं हैं...

Published By: Ashutosh Ojha | Published: Jun 22, 2026, 11:04 AM (IST)

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अंतरिक्ष हमेशा से इंसानों के लिए रहस्य और रोमांच का विषय रहा है। सदियों से लोग तारों, ग्रहों और ब्रह्मांड के बारे में अलग-अलग धारणाएं और मिथक बनाते रहे हैं। समय के साथ विज्ञान ने काफी तरक्की की, लेकिन कई गलतफहमियां आज भी लोगों के बीच मौजूद हैं। NASA ने अपने मिशनों, अंतरिक्ष यानों और वैज्ञानिक शोधों के जरिए ऐसे कई मिथकों की सच्चाई दुनिया के सामने रखी है। चांद, सूरज, अंतरिक्ष की आवाज और गुरुत्वाकर्षण से जुड़े कई भ्रमों को NASA ने तथ्यों और सबूतों के आधार पर गलत साबित किया है। आइए जानते हैं ऐसे 5 अजीब अंतरिक्ष मिथकों के बारे में, जिनकी सच्चाई NASA ने उजागर की।

sun

sun
image credit: NASA

क्या सूरज सच में जल रहा है?

बहुत से लोग सोचते हैं कि सूरज आग का एक बड़ा गोला है, लेकिन असल में ऐसा नहीं है। सूरज लकड़ी, गैस या कोयले की तरह नहीं जलता। वहां आग नहीं लगी हुई है, बल्कि सूरज के अंदर एक खास प्रक्रिया चलती है, जिसे Nuclear Fusion कहा जाता है। न्यूक्लियर फ्यूजन में सूरज के अंदर मौजूद हाइड्रोजन गैस मिलकर हीलियम बनाती है। इस प्रक्रिया में बहुत ज्यादा एनर्जी निकलती है। यही एनर्जी गर्मी और रोशनी के रूप में बाहर आती है और पृथ्वी तक पहुंचती है। अगर सूरज सच में आग से जल रहा होता, तो उसे ऑक्सीजन की जरूरत होती, लेकिन अंतरिक्ष में ऑक्सीजन बहुत कम होती है। इसलिए सूरज का गर्म होना आग की वजह से नहीं, बल्कि उसके अंदर हो रही परमाणु प्रक्रिया की वजह से है। सूरज की सतह पर हमें कई बार आग जैसी लपटें दिखती हैं। इन्हें देखकर लगता है कि सूरज जल रहा है, लेकिन ये असल में गर्म गैस और एनर्जी के विस्फोट होते हैं। इन्हें सोलर फ्लेयर्स या प्लाज्मा एक्टिविटी कहा जाता है। वैज्ञानिकों के लिए आज भी सूरज एक बड़ा रहस्य है। खासकर यह बात कि सूरज का बाहरी वातावरण, यानी Solar Corona, उसकी सतह से ज्यादा गर्म क्यों है। NASA जैसे स्पेस एजेंसी इस रहस्य को समझने की कोशिश कर रही हैं।

There's no water in space

Great Wall of China
image credit: NASA

क्या Great Wall of China अंतरिक्ष से दिखती है?

कई सालों से यह दावा किया जाता है कि Great Wall of China अंतरिक्ष से साफ दिखाई देती है। यह बात सुनने में बहुत दिलचस्प लगती है, लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है। Great Wall of China बहुत लंबी जरूर है, लेकिन वह ज्यादा चौड़ी नहीं है। अंतरिक्ष से किसी चीज को देखने के लिए उसका बहुत बड़ा और साफ दिखाई देने वाला आकार होना जरूरी होता है। दीवार लंबी है, लेकिन उसकी चौड़ाई कम होने की वजह से उसे पहचानना मुश्किल है। NASA के कई अंतरिक्ष यात्रियों ने बताया है कि अंतरिक्ष से Great Wall को आंखों से देखना आसान नहीं है। Apollo मिशन के दौरान भी इसे देखने की कोशिश की गई थी, लेकिन कोई साफ प्रमाण नहीं मिला। International Space Station पृथ्वी के ज्यादा करीब है, लेकिन वहां से भी Great Wall of China को बिना कैमरे या खास लेंस के देख पाना मुश्किल है। कई बार जो फोटो दिखाई जाती हैं, उनमें दीवार को पहचानना भी आसान नहीं होता। इसलिए यह कहना सही होगा कि Great Wall of China इंसानों द्वारा बनाई गई महान संरचना जरूर है, लेकिन इसे अंतरिक्ष से आंखों से साफ देखना लगभग असंभव है।

There's no water in space

There’s no water in space
image credit:NASA

क्या अंतरिक्ष में पानी नहीं होता?

बहुत लोग सोचते हैं कि अंतरिक्ष पूरी तरह खाली है और वहां पानी जैसी कोई चीज नहीं हो सकती, लेकिन यह बात गलत है। अंतरिक्ष में पानी अलग-अलग रूपों में मौजूद है। पानी सिर्फ नदी, समुद्र या बारिश के रूप में ही नहीं होता। पानी Ice, Steam और Molecules के रूप में भी हो सकता है। अंतरिक्ष में कई जगह पानी की बर्फ और Water Vapor पाए गए हैं। Comet, Saturn के Rings और कुछ ग्रहों के चंद्रमाओं पर बर्फ मौजूद है। वैज्ञानिक मानते हैं कि कई चंद्रमाओं के अंदर बर्फ के नीचे महासागर भी हो सकते हैं। NASA ने एक Quasar के आसपास बहुत बड़ी मात्रा में Water Vapor खोजा था। यह पानी इतना ज्यादा बताया गया कि वह पृथ्वी के समुद्रों से कई खरब गुना ज्यादा हो सकता है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हम वहां जाकर आसानी से पानी ला सकते हैं। ये चीजें पृथ्वी से बहुत दूर हैं, लेकिन यह खोज बताती है कि अंतरिक्ष पूरी तरह सूखा नहीं है, बल्कि वहां पानी कई अलग-अलग रूपों में मौजूद है।

asteroid belt

asteroid belt
image credit: AI

क्या Asteroid Belt बहुत खतरनाक जगह है?

फिल्मों में Asteroid Belt को बहुत खतरनाक दिखाया जाता है। ऐसा लगता है कि वहां हर तरफ बड़े-बड़े पत्थर तैर रहे हैं और कोई भी स्पेसशिप उनसे टकरा सकता है। लेकिन असलियत इससे काफी अलग है। हमारे सोलर सिस्टम में Asteroid Belt, Mars and Jupiter Planets के बीच मौजूद है। यहां लाखों छोटे-बड़े पत्थर और चट्टानें हैं, लेकिन ये एक-दूसरे से बहुत दूर-दूर हैं। फिल्मों में Asteroid बहुत पास-पास दिखते हैं ताकि सीन रोमांचक लगे। असल में एक बड़े Asteroid और दूसरे Asteroid के बीच लाखों किलोमीटर की दूरी हो सकती है। यानी वहां खाली जगह बहुत ज्यादा होती है। NASA के कई स्पेसक्राफ्ट Asteroid Belt से गुजर चुके हैं। वे बिना किसी टक्कर के सुरक्षित आगे निकल गए। इसका मतलब है कि वहां से गुजरना उतना खतरनाक नहीं है, जितना फिल्मों में दिखाया जाता है। इसलिए Asteroid Belt को खतरनाक Obstacle Course समझना गलत है। वहां खतरा है, लेकिन टक्कर की संभावना बहुत कम होती है। असली स्पेस ट्रैवल में Radiation, Fuel, Communication और Life Support जैसी चीजें ज्यादा बड़ी चुनौती होती हैं।

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You will die instantly if exposed to space

You will die instantly if exposed to space
image credit:NASA

क्या अंतरिक्ष में बिना स्पेससूट के जाते ही इंसान तुरंत मर जाएगा?

फिल्मों में अक्सर दिखाया जाता है कि अगर इंसान बिना स्पेससूट के अंतरिक्ष में चला जाए, तो वह तुरंत जम जाएगा या फट जाएगा, लेकिन असल में ऐसा तुरंत नहीं होता। अंतरिक्ष में हवा नहीं होती और दबाव भी बहुत कम होता है। इसलिए सबसे बड़ा खतरा ऑक्सीजन की कमी है। इंसान कुछ सेकंड तक होश में रह सकता है, लेकिन सांस न मिलने की वजह से जल्दी बेहोश हो जाएगा। अंतरिक्ष बहुत ठंडा माना जाता है, लेकिन वहां हवा नहीं होती जो शरीर की गर्मी तुरंत खींच ले। इसलिए इंसान तुरंत बर्फ की तरह नहीं जमता। शरीर की गर्मी धीरे-धीरे निकलती है। कम दबाव की वजह से शरीर के अंदर मौजूद गैस फैल सकती है। इससे शरीर को नुकसान हो सकता है। इसलिए स्पेससूट बहुत जरूरी होता है, क्योंकि वह शरीर को सही दबाव और ऑक्सीजन देता है। NASA के एक टेस्ट में एक व्यक्ति गलती से Vacuum Chamber में Exposure का शिकार हुआ था, लेकिन वह नहीं मरा। उसे बाद में बचा लिया गया। इसलिए अंतरिक्ष बेहद खतरनाक है, लेकिन तुरंत मौत वाला दावा सही नहीं है।