Published By: Mona Dixit | Published: Feb 02, 2023, 09:08 AM (IST)
Meta के स्वामित्व वाला इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप WhatsApp ने दिसंबर, 2022 में भारत में एक बार फिर लाखों अकाउंट को बैन कर दिया है। ऐसा पहली बार नहीं है, जब भारतीय व्हाट्सऐप अकाउंट बैन हुए हैं। नए IT Rule आने के बाद से हर महीने बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कई अकाउंट्स पर प्रतिबंध लगा रहे हैं। हालांकि, दिसंबर में बैन हुए अकाउंट की संख्या नवंबर, 2023 में बैन हुए व्हाट्सऐप अकाउंट्स से कम है। और पढें: इंतजार खत्म! भारत में Instagram Plus, WhatsApp Plus और Facebook Plus पेड सब्सक्रिप्शन लॉन्च, जानें कीमत और Exclusive फीचर्स
दिसंबर, 2023 में कंपनी ने कुल 36.77 लाख भारतीय अकाउंट्स पर बैन लगाया है। इनमें से 13.98 अकाउंट्स को यूजर्स फ्लैग किए जाने से पहले ही प्रोएक्टिवली प्रतिबंधित कर दिया गया था। डिटेल में जानने के लिए नीचे पढ़ें। और पढें: WhatsApp से काफी आगे है Telegram! ये फीचर्स बनाते हैं इसे खास
जानकारी के लिए बता दें कि WhatsApp ने नवंबर, 2022 में व्हाट्सऐप ने भारत में 37.16 लाख अकाउंट बैन किए थे। इसमें से 9.9 लाख अकाउंट्स प्रोएक्टिवली प्रतिबंधित थे। वहीं, दिसंबर में 36.77 लाख अकाउंट पर बैन लगाया गया है, जो नवंबर में बैन हुए अकाउंट की संख्या से लगभग 40,000 कम है। और पढें: WhatsApp की सीक्रेट ट्रिक, ऐसे छिपाएं Locked Chats
WhatsApp ने IT Rules 2021 के तहत जारी की अपनी मंथली रिपोर्ट में कहा कि 1 दिसंबर, 2022 से 31 दिसंबर, 2022 के बीच 3,677,000 व्हाट्सऐप अकाउंट पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इन अकाउंट्स में से 1,389,000 को यूजर्स की किसी भी रिपोर्ट से पहले सक्रिय रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया था।
नए आईटी नियम पिछले साल लागू हुए थे। इसके तहत बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म (50 लाख से अधिक यूजर्स वाले) को हर महीने अनुपालन रिपोर्ट (compliance reports) देनी होती है। इसमें यूजर्स द्वारा मिली शिकायतों और की गई कार्रवाई की डिटेल दी जाती है।
नवंबर में 946 शिकायतों की तुलना में दिसंबर में व्हाट्सऐप यूजर्स की अपील लगभग 70 प्रतिशत बढ़कर 1607 हो गई, जिसमें 1,459 अकाउंट पर प्रतिबंध लगाने की अपील भी शामिल है।
इंस्टैंट मैसेजिंग फर्म ने केवल 166 शिकायतों पर कार्रवाई की। WhatsApp का कहना है कि वह उन मामलों को छोड़कर सभी शिकायतों का जवाब देता है, जो शिकायत पिछले टिकट का डुप्लिकेट होता है।
सरकार ने पिछले हफ्ते तीन शिकायत अपील समितियों की घोषणा की है, जो 1 मार्च से बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ यूजर्स की शिकायतों को देखेगी।