Written By Manisha
Published By: Manisha | Published: Feb 17, 2026, 06:37 PM (IST)
India AI Impact Summit 2026 के दौरान NPCI (National Payments Corporation of India) ने FiMI (Finance Model for India) मॉडल का ऐलान कर दिया है। यह कंपनी का एक डोमेन-स्पेसिफिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लैंग्वेज मॉडल है, जिसे खासतौर पर कंपनी ने भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम के लिए डिजाइन किया है। यह मॉडल यूजर्स की पेमेंट-संबंधी समस्याओं का निवारण करने वाला है, जिसमें UPI ट्रांसजेक्शन, पेमेंट से जुड़े विवाद व मैंडेट मैनेजमेंट और रेगुलेटरी सवालों आदि को शामिल किया गया है। आइए जानते हैं सभी डिटेल्स। और पढें: अब इंटरनेशनल नंबर से भी कर सकेंगे UPI पेमेंट, NRI यूजर्स के लिए Paytm का बड़ा अपडेट
NPCI ने अपने ऑफिशियल X हैंडल के जरिए FiMI का ऐलान किया। पोस्ट में कहा गया कि AI विजन को एक्सपेंड करते हुए FiMI (Finance Model for India) को बिल्ट किया गया है, जो कि डोमेन स्पेसिफिक लैंग्वेज मॉडल है। और पढें: India AI Impact Summit 2026: PM Modi ने AI पर दिया अपना MANAV Vision, कहा AI में भारत को भय नहीं भाग्य दिखता है
At NPCI, sovereignty has always been central to our mission of ensuring safe and secure digital transactions for India.
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Extending this vision to AI, we built FiMI (Finance Model for India) — a domain-specialized language model trained on multibillion tokens of India-specific,… pic.twitter.com/OFx7egDCrJ
— NPCI (@NPCI_NPCI) February 17, 2026
FiMI की बात करें, तो यह NPCI के UPI Help Assistant से लैस है। यह एक एआई बेस्ड Conversational Support सिस्टम है, जिसे यूपीआई यूजर्स के लिए पेश किया गया है। NPCI के मुताबिक, यह एजेंट बेस्ड एआई फ्रेमवर्क का इस्तेमाल करके पेमेंट से जुड़े सवालों के जवाब देगा। फिलहाल, कंपनी ने इसे अंग्रेजी, हिंगी, तेलुगू व बंगाली भाषा के साथ पेश किया है। हालांकि, आने वाले दिनों में इसमें अन्य भारतीय भाषाओं को एड किया जाएगा।
पर्सनल फाइनेंस को देखें, तो यह एआई टूल आम लोगों के पेमेंट संबंधी एक्सपीरियंस को एन्हैंस कर सकता है। इससे लोग फेल ट्रांजैक्शन, ऑटो डेबिट व पेमेंट विवाद जैसी समस्याओं को जल्दी ही सुलझा सकेंगे। यूजर्स के सवालों का सही जवाब देने के लिए इस मॉडल को फाइनेंशियल डेटा व सिंथेटिक पेमेंट डेटा के साथ ट्रेन किया गया है। इस मॉडल के जरिए डिजिटल पेमेंट एक्सपीरियंस को पहले से ज्यादा आसान, तेज व भरोसेमंद बनाने पर जोर दिया जाएगा।