Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Feb 09, 2026, 12:23 PM (IST)
IRCTC ticket booking rules 2025
भारतीय रेलवे हर दिन करोड़ों यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाता है, लेकिन कई बार यात्रियों को ट्रेन लेट होने, कनेक्टिंग ट्रेन छूटने या चार्टिंग से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में न सिर्फ सफर खराब होता है, बल्कि टिकट के पैसे डूब जाने का डर भी रहता है। हालांकि बहुत कम लोग जानते हैं कि इन खास परिस्थितियों में रेलवे यात्रियों को टिकट का पूरा या आंशिक रिफंड पाने का मौका देता है। इसके लिए IRCTC ने Ticket Deposit Receipt यानी TDR की सुविधा दी है, जिसके जरिए बिना स्टेशन जाए ऑनलाइन रिफंड क्लेम किया जा सकता है।
अक्सर लोगों को लगता है कि अगर ट्रेन छूट गई या चार्ट बन गया, तो पैसा वापस नहीं मिलेगा, लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है। रेलवे ने TDR सिस्टम इसलिए बनाया है ताकि यात्रियों की परेशानी कम हो सके। TDR एक डिजिटल प्रक्रिया है, जिसमें यात्री यह बताते हैं कि वे किन कारणों से यात्रा नहीं कर पाए। अगर कारण रेलवे की देरी, तकनीकी समस्या या तय नियमों के अंतर्गत आता है, तो रिफंड मिलने की पूरी संभावना रहती है। खास बात यह है कि TDR पूरी तरह ऑनलाइन है और इसे घर बैठे मोबाइल या लैपटॉप से फाइल किया जा सकता है।
रेलवे ने TDR के तहत रिफंड के लिए कुछ तय कैटेगरी बनाई हैं। अगर आपकी ट्रेन तय समय से तीन घंटे या उससे ज्यादा लेट हो जाती है और आप यात्रा नहीं करते हैं, तो आप TDR फाइल कर सकते हैं। इसी तरह ट्रेन की देरी के कारण अगर आपकी कनेक्टिंग ट्रेन छूट जाए, तो भी रिफंड का प्रावधान है। इसके अलावा अगर चार्ट तैयार न हुआ हो, टिकट कन्फर्म न हो पाई हो या तकनीकी कारणों से यात्रा शुरू ही न हो सके, तब भी रिफंड मिल सकता है। AC कोच में AC न चलना, कोच या क्लास बदल जाना या रेलवे की किसी बड़ी गड़बड़ी के कारण यात्रा संभव न होना भी TDR के अंतर्गत आता है।
TDR फाइल करने की प्रक्रिया बेहद आसान है। सबसे पहले IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉग इन करें। इसके बाद ‘My Transactions‘ सेक्शन में जाकर ‘File TDR’ ऑप्शन चुनें। यहां आपको उन टिकटों की लिस्ट दिखाई देगी, जिनके लिए TDR फाइल किया जा सकता है। संबंधित PNR नंबर चुनें और सही कारण सेलेक्ट करें, जैसे ‘Train Delayed by More than 3 Hours‘, सभी जरूरी जानकारी भरने के बाद सबमिट बटन पर क्लिक करें। TDR फाइल होने के बाद आप ‘TDR History‘ सेक्शन में जाकर अपने रिफंड की स्थिति भी चेक कर सकते हैं। इस तरह सही जानकारी और समय पर TDR फाइल करके आप अपनी मेहनत की कमाई को बचा सकते हैं और बिना किसी झंझट के रिफंड पा सकते हैं।