Written By Harshit Harsh
Published By: Harshit Harsh | Published: Nov 02, 2023, 05:33 PM (IST)
सरकार ने Xiaomi, Samsung, HP समेत 110 कंपनियों को लैपटॉप इंपोर्ट करने की अनुमति दी है। इससे पहले साल की शुरुआत में सरकार ने भारत में लैपटॉप इंपोर्ट करने पर पाबंदी लगाई थी। इन कंपनियों को सरकार ने लैपटॉप इंपोर्ट करने लिए लाइसेंस लेने के लिए कहा था। हालांकि, बाद में सरकार ने अपने इस फैसले को वापस ले लिया और नया इंपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम लाने की बात कही थी। इस नए सिस्टम के तहत कंपनियों को लैपटॉप इंपोर्ट करने से पहले रजिस्ट्रेशन करना होगा। यही नहीं, उन्हें यह भी ब्योरा देना होगा कि उनकी क्वालिटी कैसी है और कितने वैल्यू के लैपटॉप इंपोर्ट किए जा रहे हैं? और पढें: Samsung Galaxy S26 Series की प्री-बुकिंग करने वालों ग्राहकों के लिए खुशखबरी, अब मिलेगा जल्दी डिलीवरी
सरकार का यह इंपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम 1 नवंबर 2023 से प्रभावित हो गया है। इसमें अब तक सरकार ने कुल 110 कपनियों को लैपटॉप इंपोर्ट करने की अनुमति दी है। ये कंपनियां लैपटॉप के साथ-साथ टैबलेट्स एवं अन्य IT हार्डवेयर प्रोडक्ट को इंपोर्ट कर पाएंगी। और पढें: Xiaomi 17T की लॉन्च टाइमलाइन लीक, जानें कब हो सकती है भारत में एंट्री
Gizmochina की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अधिकारी ने बताया कि 110 इंपोर्ट ऑथेराइजेशन को अब तक अप्रूवल मिल गया है। सभी मुख्य IT हार्डवेयर कंपनियों को यह ऑथिरिटी मिल चुकी है। सभी अप्लीकेशन को समय सीमा के अंदर अनुमति दी गई है। अब तक कोई भी अप्लीकेशन पेंडिंग नहीं है। Samsung, Apple, Xiaomi, Lenovo, HP, Dell, Acer, IBM जैसी मुख्य कंपनियों को सरकार की तरफ से लैपटॉप और कम्प्यूटर हार्डवेयर इंपोर्ट करने की अनुमति मिल चुकी है। और पढें: 50MP कैमरे वाला Samsung Galaxy M17 मात्र 492 रुपये महीने पर होगा आपका, यहां मिल रहा सुनहरा Offer
यह नया इंपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम पर्सनल कम्प्यूटर्स, माइक्रो कम्प्यूटर्स, मेनफ्रेम बड़े कम्प्यूटर्स और डेटा सेंटर मशीन के लिए है। इस मैनेजमेंट सिस्टम को लाने का मुख्य उदेश्य शिपमेंट की मॉनिटरिंग करना और सप्लाई चेन में विश्वास पैदा करना है। हालांकि, अभी भी कुछ कंपनियां हैं, जिन्हें सरकार ने इंपोर्ट की अनुमति नहीं दी है। नई पॉलिसी में प्राइवेट कंपनियों को सरकारी एजेंसियों को डिफेंस और सिक्योरिटी पर्पस के लिए कम्प्यूटर इंपोर्ट करने की अनुमति मिल गई।
सरकार इस समय देश को आईटी हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की तैयारी में है। सरकार ने इसके लिए मेक इन इंडिया प्रोग्राम चलाया है। देश में Apple, Samsung, Google जैसी बड़ी कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स बना रहे हैं। भारत इस समय लैपटॉप, कम्प्यूटर, स्मार्टफोन आदि के लिए बड़ा बाजार है।