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Solar Storm ने खोल दिया मंगल ग्रह का सबसे बड़ा रहस्य, जानिए कैसे खत्म हो रहा है यहां का Atmosphere

मंगल ग्रह को लेकर नई रिसर्च ने बड़ा खुलासा किया है, हाल ही में आए एक शक्तिशाली Solar Storm ने यह समझने में मदद की कि मंगल का Atmosphere धीरे-धीरे क्यों खत्म हो रहा है। आइए जातने हैं...

Published By: Ashutosh Ojha | Published: May 21, 2026, 12:15 PM (IST)

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मंगल ग्रह को लेकर वैज्ञानिक लंबे समय से यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर वह एक समय पानी और घने वायुमंडल वाला ग्रह था, लेकिन आज एक ठंडा और सूखा रेगिस्तान क्यों बन गया, हाल ही में दिसंबर 2023 में आए एक बड़े सौर तूफान (Solar Storm) ने इस रहस्य का खुलासा करने में मदद की है। इस तूफान के दौरान सूर्य से निकले तेज चार्ज कणों ने मंगल के वातावरण पर गहरा असर डाला और वैज्ञानिकों को पहली बार कुछ छिपी हुई Plasma Structures देखने का मौका मिला। यह जानकारी NASA के MAVEN मिशन से मिली, जो मंगल ग्रह के Atmosphere का अध्ययन करता है।

Solar Storm ने मंगल ग्रह में क्या बड़ा बदलाव किया?

वैज्ञानिकों के अनुसार इस सौर तूफान ने मंगल ग्रह के ऊपरी वायुमंडल यानी ionosphere में बड़े बदलाव किए। West Virginia University के शोधकर्ताओं ने पाया कि 10 दिसंबर 2023 को मंगल ग्रह के ऊपर, लगभग 185 किलोमीटर की ऊंचाई पर पांच बड़े Plasma Structures देखे गए। यह घटना एक इंटरप्लानेटरी कोरोनल मास इजेक्शन (ICME) की वजह से हुई थी। यह सूर्य से निकलने वाली बहुत तेज और पावरफुल एनर्जी की लहर होती है, जो अंतरिक्ष में फैलती है। इस सौर तूफान के कारण मंगल ग्रह के वायुमंडल में मौजूद Plasma की घनता (Density) लगभग 30 से 40% तक कम हो गई। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि सूर्य से आने वाली तेज ‘Solar Wind’ ने इन कणों को एक दिशा में धकेल दिया और दबा दिया।

यह मंगल ग्रह के Atmosphere को कैसे प्रभावित करता है?

इस प्रक्रिया को समझाने के लिए वैज्ञानिकों ने ‘Zwan-Wolf Effect’ का नाम दिया है। इसका मतलब आसान भाषा में यह है कि जब सूर्य से आने वाली तेज सौर हवा (Solar Wind) मंगल ग्रह के वायुमंडल से टकराती है, तो वह वहां मौजूद कणों को पीछे की ओर धकेल देती है। धीरे-धीरे इस धक्के की वजह से मंगल का वायुमंडल (Atmosphere) कमजोर हो जाता है और उसका कुछ हिस्सा अंतरिक्ष में फैलकर खोने लगता है। यह असर आम दिनों में बहुत साफ नहीं दिखता, लेकिन जब बहुत बड़ा सौर तूफान आता है, तब यह प्रक्रिया स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। इसी वजह से MAVEN Satellite को इस बार काफी जरूरी डेटा मिला। इससे वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिली कि मंगल का वायुमंडल धीरे-धीरे कैसे खत्म हो रहा है।

Mars atmosphere loss

image credit: AI image

क्या मंगल ग्रह जैसा प्रभाव बाकी ग्रहों पर भी हो सकता है?

यह अध्ययन यह भी बताता है कि मंगल ग्रह जैसी परिस्थितियों वाले ग्रहों पर यह प्रक्रिया लगातार चलती रहती है, लेकिन कमजोर Solar Activity में इसे पकड़ पाना मुश्किल होता है। पृथ्वी की तरह मंगल के पास मजबूत Magnetic Field नहीं है, इसलिए वह सूर्य की खतरनाक Solar winds से सुरक्षित नहीं रह पाता। यही कारण है कि उसका वायुमंडल धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसा ही प्रभाव Venus और Saturn Moon Titan जैसे बाकी ग्रहों पर भी हो सकता है। यह खोज भविष्य में मंगल पर भेजे जाने वाले मानव मिशनों के लिए एक अहम चेतावनी भी है, क्योंकि वहां का वातावरण स्थिर नहीं है और कई तरह के जोखिम मौजूद हैं।

FAQ

Storm क्या होता है?

Solar Storm सूर्य से निकलने वाली तेज एनर्जी और चार्ज कणों की लहर होती है, जो अंतरिक्ष में फैलकर ग्रहों के वातावरण को प्रभावित कर सकती है।

इस Solar Storm ने मंगल पर क्या असर डाला?

इस तूफान ने मंगल के ऊपरी वायुमंडल (ionosphere) में बदलाव किया और Plasma की घनता लगभग 30–40% तक कम कर दी।

क्या मंगल का Atmosphere सच में खत्म हो रहा है?

वैज्ञानिक मानते हैं कि सूर्य की Solar Wind धीरे-धीरे मंगल के वायुमंडल को अंतरिक्ष में उड़ा रही है, जिससे वह कमजोर होता जा रहा है।

MAVEN मिशन क्या है?

MAVEN, NASA का एक अंतरिक्ष मिशन है जो मंगल के Atmosphere और उसकी समय के साथ होने वाली बदलावों का अध्ययन करता है।

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क्या ऐसा असर पृथ्वी पर भी हो सकता है?

पृथ्वी पर ऐसा असर बहुत कम होता है क्योंकि हमारे पास मजबूत Magnetic Field है, जो Solar Wind से सुरक्षा देता है।