Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Apr 14, 2026, 04:06 PM (IST)
OpenAI has introduced a Safety Fellowship Program
OpenAI अपने ChatGPT प्लेटफॉर्म के लिए एक नए फीचर पर काम कर रहा है, जिसका नाम ‘Trusted Contacts’ बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फीचर का उद्देश्य उन यूजर्स की सुरक्षा बढ़ाना है जो मानसिक या भावनात्मक तनाव से गुजर रहे होते हैं। यह सिस्टम यूजर के मैसेज और बातचीत के पैटर्न को समझकर यह पहचानने की कोशिश करेगा कि क्या कोई व्यक्ति गंभीर मानसिक परेशानी में है। अगर सिस्टम को लगेगा कि स्थिति गंभीर है, तो यह यूजर द्वारा पहले से चुने गए किसी भरोसेमंद व्यक्ति जैसे परिवार के सदस्य या दोस्त को अलर्ट भेज सकता है, ताकि समय रहते मदद मिल सके।
इस फीचर में यूजर्स को पहले से ही अपने ‘Trusted Contact’ जोड़ने का ऑप्शन मिल सकता है, यानी आप अपने माता-पिता, भाई-बहन, दोस्त या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को इसमें शामिल कर सकते हैं, अगर ChatGPT को आपकी बातचीत के दौरान ऐसा लगे कि आप बहुत ज्यादा तनाव में हैं या खुद को नुकसान पहुंचाने जैसी बात कर रहे हैं, तो यह फीचर उस चुने हुए व्यक्ति को अलर्ट भेज सकता है हालांकि अभी तक OpenAI ने इस फीचर की लॉन्च डेट या पूरी जानकारी नहीं दी है, फिलहाल यह फीचर सिर्फ डेवलपमेंट स्टेज में है और आने वाले समय में इसे एक सेफ्टी टूल के रूप में लॉन्च किया जा सकता है।
हालांकि यह फीचर लोगों की सुरक्षा के लिए अच्छा माना जा रहा है लेकिन इससे जुड़ी कुछ चिंताएं भी हैं, सबसे बड़ी चिंता प्राइवेसी को लेकर है क्योंकि लोग AI चैटबॉट से अक्सर अपनी पर्सनल और सीक्रेट बातें शेयर करते हैं। ऐसे में अगर कोई सिस्टम उनकी बातचीत को समझकर किसी और को जानकारी भेज दे, तो कई लोगों को यह अजीब या असहज लग सकता है। इसके अलावा एक सवाल यह भी है कि क्या हर यूजर इस फीचर को ऑन करेगा या नहीं, क्योंकि यह फीचर पूरी तरह से ऑप्शनल हो सकता है, यानी यूजर चाहे तो इसे चालू करे या बंद रखे।
OpenAI का कहना है कि वह अपने AI सिस्टम को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है। कंपनी मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में बेहतर जवाब देने के लिए एक्सपर्ट्स की मदद से ChatGPT को ट्रेन कर रही है, ताकि यह संवेदनशील बातों को सही तरीके से समझ और संभाल सके। ‘Trusted Contacts’ फीचर भी इसी दिशा में एक कदम है। इसका मकसद यह है कि जब जरूरत पड़े, तब जल्दी से किसी अपने व्यक्ति से मदद मिल सके। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह फीचर यूजर्स के लिए कितना काम का और सुरक्षित साबित होता है।