Published By: Rohit Kumar | Published: Mar 25, 2023, 11:07 AM (IST)
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देश में एक बड़े एक बड़े डेटा लीक का खुलासा हुआ है, इसमें एक-दो लाख लोग नहीं हैं बल्कि करीब 16.8 करोड़ लोगों का डाटा शामिल है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया है कि दिल्ली स्थित डिफेंस के बड़े अधिकारियों का भी डाटा लीक हुआ है। इस मामले में दिल्ली से 7 लोगों की गिरफ्तारी की गई है और उन पर करोड़ों यूजर्स का डाटा चोरी करने का आरोप लगाया गया है। दरअसल, तेलंगाना स्थित साइबराबाद पुलिस ने ये गिरफ्तारी की है। और पढें: GTA 5 Cheats इस्तेमाल करने वालों का डेटा लीक? क्या हजारों यूजर्स की जानकारी खतरे में
पुलिस के मुताबिक, दिल्ली-NCR से 7 साइबर फ्रॉड करने वाले ठगों को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के मुताबिक, आरोपी नोएडा और अन्य तीन जगह पर स्थित कॉल सेंटर से काम कर रहे हैं। साइबराबाद के पुलिस आयुक्त एम स्टीफन रवींद्र ने गुरुवार को बताया कि शुरुआती जांच के मुतबिक, इस गिरोह ने 2.55 लाख रक्षाकर्मियों के साथ ही सरकार और महत्वपूर्ण संगठनों के डाटा को बेचा है। यह डाटा कम से कम 100 गिरोह को बेचा गया है। और पढें: GTA 6 के लॉन्च से पहले Rockstar Games पर हुआ साइबर अटैक, डेटा लीक करने की मिली धमकी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 50 हजार नागरिकों का डाटा सिर्फ महज 2000 रुपये लेकर बेचा गया है। इस संबंध में जांच अभी जारी है और जल्द ही और भी जानकारी सामने आएंगी। पुलिस जांच में यह भी बताया गया है कि इसमें डिफेंस से जुड़े लोगों के संवेदनशील जानकारी और उनकी रैंक, ईमेल आईडी और पोस्टिंग डिटेल्स आदि को भी बेचा गया है। और पढें: Instagram Data Breach: 1.75 करोड़ इंस्टाग्राम यूजर्स का डेटा हुआ लीक, इस मेल से तुरंत हो जाएं अलर्ट
दिल्ली से गिरफ्तार किए साइबर अपराधियों के पास से 1.20 करोड़ लोगों का WhatsApp डाटा मिला है। इसके साथ ही 17 लाख फेसबुक यूजर्स का भी डाटा मिला है, जिसमें उनकी उम्र, ईमेल आईडी, फोन नंबर और दूसरी जानकारियां शामिल हैं।
पुलिस को दो करोड़ छात्रों का डाटा बरामद हुआ है। इसमें CBSE की 12वीं क्लास के छात्र हैं। इसके अलावा 40 लाख वे लोग हैं, जो नौकरी की चाहत रखते हैं। इसमें 1.47 करोड़ कार मालिक भी हैं। इसके अलावा 11 लाख सरकारी कर्मचारियों और 15 लाख आईडी पेशेवरों की भी जानकारी सामने आई है।
जानकारी के मुताबिक, आरोपी कुमार नीतीश भूषण ने दिल्ली एनसीआर स्थित एक कॉल सेंसर ओपेन किया था। इसमें पूजा पाल टेलीकॉलर, सुशील थॉमस डाटा एंट्री ऑपरेटर हैं। इसके अलावा प्रताप सिंह ने क्रेडिट कार्ड होल्डर का डाटा चुराया और उसे बेचा। इसमें मुस्कान हसन बिचोलिए का काम करती थी। संदीप पाल ने ग्लोबल डाटा आर्ट्स को बनाया और साइबर अपराधों में शामिल ठगों को डाटा बेचा। इसके अलावा जिया प्रचार के लिए बल्क मैसेजिंग सेवाएं उपलब्ध कराती थी।