Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Jun 20, 2025, 06:19 PM (IST)
Google warning password leak
हाल ही में एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है जिसमें बताया गया है कि करीब 1600 करोड़ लॉगिन क्रेडेंशियल्स यानी ईमेल और पासवर्ड इंटरनेट पर लीक हो गए हैं। इस लीक का असर Apple, Google, Facebook और Telegram जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स के करोड़ों यूजर्स पर पड़ा है। यह डेटा एक अनसिक्योर सर्वर पर पाया गया, जिसे कोई भी एक्सेस कर सकता था। साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा डेटा ब्रीच हो सकता है। इससे पर्सनल फोटो, वीडियो और यूजर की अन्य जानकारी खतरे में पड़ सकती है। आइए जानते हैं Google ने सभी यूजर्स को क्या चेतावनी दी है। और पढें: Google Maps से करें अपनी लोकेशन किसी को भी हमेशा के लिए शेयर, बस ON करें ये फीचर
Forbes की रिपोर्ट के मुताबिक, ये लीक हुए क्रेडेंशियल्स सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं हैं। इसमें सरकारी वेबसाइटों, कॉर्पोरेट डाटा, VPN लॉगिन्स, GitHub जैसे डेवलपर प्लेटफॉर्म्स और बिजनेस ईमेल से जुड़ी जानकारी भी शामिल है। रिसर्चर्स ने केवल 30 डेटासेट्स की जांच की और उनमें ही करीब 350 करोड़ से ज्यादा रिकॉर्ड्स मिले। यह जानकारी 2025 की शुरुआत से लेकर अब तक की है, जिसमें नए और पुराने दोनों तरह के पासवर्ड शामिल हैं। ये लीक क्रेडेंशियल्स फिशिंग, फ्रॉड और अकाउंट हैकिंग जैसे बड़े साइबर अपराधों के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं। और पढें: Google Gemini में आया ये धांसू फीचर, अब एक क्लिक में बनाएं और डाउनलोड PDF जैसी फाइल्स
इस खतरनाक स्थिति को देखते हुए, Google ने यूजर्स को चेतावनी दी है और तुरंत पासवर्ड बदलने, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) एक्टिव करने की सलाह दी है। इसके साथ ही, Google ने Passkey फीचर को भी अपनाने को कहा है, जो लॉगिन के लिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन (जैसे फिंगरप्रिंट, फेस लॉक या पैटर्न) का इस्तेमाल करता है। इससे फिशिंग अटैक को रोका जा सकता है क्योंकि पासवर्ड की बजाय बायोमेट्रिक डेटा की जरूरत पड़ती है, जो सिर्फ यूजर के पास होता है।
अगर आप Apple, Facebook, Google या Telegram जैसे किसी भी प्लेटफॉर्म के यूजर हैं, तो तुरंत अपना पासवर्ड बदलें और 2FA ऑन करें। कोशिश करें कि हर वेबसाइट या ऐप के लिए अलग पासवर्ड रखें और उन्हें किसी पासवर्ड मैनेजर में सेव करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और ईमेल या मैसेज के जरिए मांगी गई निजी जानकारी न दें। इस तरह की घटनाएं यह दिखाती हैं कि साइबर सिक्योरिटी सिर्फ कंपनियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर यूजर को सतर्क रहने की जरूरत है।