Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Mar 17, 2026, 03:51 PM (IST)
bsnl 150 days validity plan
BSNL ने देशभर में अपने 4G नेटवर्क विस्तार में बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। कंपनी ने 96,000 से ज्यादा 4G साइट्स को एक्टिव कर दिया है, जो उसके 1 लाख साइट्स लगाने के लक्ष्य के बेहद करीब है। लगभग 98,000 साइट्स इंस्टॉल की जा चुकी हैं, जिनमें से 96,103 पूरी तरह चालू हैं। यह तेजी से हो रहा विस्तार BSNL को निजी कंपनियों के मुकाबले मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। खास बात यह है कि यह पूरा प्रोजेक्ट बड़े स्तर पर स्वदेशी टेक्नोलॉजी के जरिए पूरा किया जा रहा है, जिससे भारत की टेलीकॉम इंडस्ट्री को भी मजबूती मिल रही है। और पढें: PM मोदी को भेजी गई खास मांग, क्या अब सभी सरकारी विभागों में इस्तेमाल होगी BSNL 4G SIM?
इस 4G विस्तार का सबसे बड़ा फायदा देश के ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को मिलेगा। जहां पहले नेटवर्क की समस्या आम थी, अब वहां बेहतर कनेक्टिविटी और तेज इंटरनेट मिलने की उम्मीद है। इससे न सिर्फ लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी आसान होगी, बल्कि डिजिटल सेवाओं तक पहुंच भी बढ़ेगी। ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल पेमेंट और सरकारी योजनाओं का लाभ अब ज्यादा आसानी से मिल सकेगा। BSNL का यह कदम डिजिटल इंडिया मिशन को भी मजबूती देगा और लाखों नए यूजर्स को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ने में मदद करेगा। और पढें: Airtel और Google ने मिलकर भारत में RCS मैसेजिंग की शुरु करने का लिया फैसला, WhatsApp को मिलेगी टक्कर!
इस प्रोजेक्ट की एक खास बात यह है कि इसमें पूरी तरह से भारतीय टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है। Tata Consultancy Services (TCS), Tejas Networks और Centre for Development of Telematics (C-DOT) मिलकर इस नेटवर्क को तैयार कर रहे हैं। इसका मतलब है कि भारत अब विदेशी कंपनियों पर कम निर्भर होगा और अपनी खुद की टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देगा। अगर यह मॉडल सफल होता है, तो आने वाले समय में 5G नेटवर्क में भी इसी स्वदेशी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे भारत की टेक्नोलॉजी पर आत्मनिर्भरता और मजबूत होगी। और पढें: BSNL यूजर्स अब बिना नेटवर्क के भी कर सकेंगे कॉल, ये नई सर्विस हुई लॉन्च
सरकार भी BSNL के इस बदलाव में पूरी तरह साथ दे रही है। Pemmasani Chandra Sekhar ने कहा कि इस पहल का मकसद देश के हर कोने तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाना है। सरकार ने BSNL के लिए करीब 3.22 लाख करोड़ रुपये के तीन बड़े रिवाइवल पैकेज को मंजूरी दी है, जिससे कंपनी की वित्तीय स्थिति में सुधार हुआ है। BSNL को 700 MHz से लेकर 3300 MHz तक के कई स्पेक्ट्रम बैंड्स भी दिए गए हैं, जिससे नेटवर्क की क्वालिटी और स्पीड दोनों बेहतर होंगी। अब कंपनी 4G के बाद 5G की तैयारी में भी जुट गई है, जिससे आने वाले समय में BSNL एक बार फिर टेलीकॉम सेक्टर में मजबूत खिलाड़ी बनकर उभर सकता है।