Written By Manisha
Published By: Manisha | Published: Feb 12, 2026, 05:40 PM (IST)
Annular Solar Eclipse 2026: साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लगने वाला है। यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण होने वाला है, जिसमें चांद सूरज को पूरी तरह से ढंक नहीं पाता। इसे अन्य भाषा में Ring Of Fire (रिंग ऑफ फायर) भी कहा जाता है, जिसमें सूरज के किनारें एक रिंग की तरह दिखते हैं। अगर आप खगोलिय घटनाओं में दिलचस्पी रखते हैं, तो यह दिन आपके लिए काफी खास रहने वाला है। आइए जानतें 17 फरवरी को कब शुरू होगा सूर्य ग्रहण और यह ग्रहण भारत में देखा जाएगा या नहीं।
साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को होने वाला है। जो कि दोपहर 3 बजकर 26 मिनट पर शुरू होगा और 7 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। खास बात यह है कि 4 घंटे लंबा चलने वाला यह सूर्य ग्रहण भाषा में नहीं देखा जाएगा। इसे अंटार्कटिका, अर्जेंटीना और दक्षिण अफ्रीका जैसे हिस्सों में देखा जा सकता है। ज्यादातर एशियन देशों में यह ग्रहण देखने को नहीं मिलेगा, जिसमें भारत भी शामिल है।
अगर आप भारतीय हैं और सूर्य ग्रहण देखना चाहते थे, तो आपको मायूस होने की जरूरत नहीं है। आप घर बैठे इस सूर्य ग्रहण की लाइवस्ट्रीमिंग स्पेस एजेंसी व साइंस वेबसाइट्स के जरिए देख सकेंगे।
Annular Solar Eclipse को हिंदी में वलयाकार सूर्य ग्रहण कहा जाता है। ग्रहण के दौरान चांद पृथ्वी व सूरज के बीच से होकर गुजरता है। ऐसे में जब चांद सूरज को पूरी तरह से ढंक नहीं पाता, तो उसे वलयाकार सूर्य ग्रहण कहते हैं। इसमें सूरज के किनारे दूर से एक रिंग की तरह दिखते हैं।
जैसे कि हमने बताया यह सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। हालांकि, जब भी ग्रहण भारत में होता है, तब ग्रहण को देखते हुए सावधानियां बरतनी चाहिए। ग्रहण को कभी सीधे नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए। कुछ लोग सनग्लासेस लगाकर भी ग्रहण देखने की गलती कर देते हैं। ग्रहण देखने के लिए हमेशा ISO सर्टिफाइड Solar Eclipse ग्लासेस का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा, आप टेलीस्कोप व कैमरा में सोलर फिल्टर लगाकर भी ग्रहण को देख सकते हैं।