Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Feb 09, 2026, 01:21 PM (IST)
फरवरी 2026 में भारत एक ऐतिहासिक AI Impact Summit की मेजबानी करने जा रहा है। 16 से 20 फरवरी 2026 के बीच नई दिल्ली में होने वाला India AI Impact Summit 2026 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर केंद्रित एक वैश्विक सम्मेलन होगा, जिसमें 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। यह पहली बार है जब ग्लोबल साउथ में किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय AI Summit का आयोजन किया जा रहा है। इस समिट का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि AI किस तरह से अर्थव्यवस्था, शासन व्यवस्था और आम लोगों की जिंदगी में वास्तविक बदलाव ला सकता है।
AI Impact Summit 2026 भारत के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह समिट ‘People, Planet और Progress’ यानी लोगों, पर्यावरण और प्रगति के तीन सूत्रों पर आधारित है। इन सिद्धांतों के तहत AI को समाज के लिए उपयोगी, पर्यावरण के लिए सुरक्षित और देश के दीर्घकालीन विकास के अनुकूल बनाने पर जोर दिया जाएगा। Summit में इस बात पर गहन चर्चा होगी कि AI से रोजगार पर क्या असर पड़ेगा, ऊर्जा की खपत कैसे संतुलित की जा सकती है और डेटा की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित हो।
इस Global Conference में 15 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष, 100 से ज्यादा बड़े वैश्विक CEO, नीति निर्माता और टेक एक्सपर्सट्स हिस्सा लेंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय के अनुसार यह अब तक का सबसे बड़ा AI Summit होगा। इससे साफ संकेत मिलता है कि भारत की तकनीकी क्षमता और वैश्विक प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। इससे पहले AI पर वैश्विक चर्चाएं 2023 में ब्रिटेन से शुरू हुई थीं, जहां सुरक्षा पर जोर था। इसके बाद दक्षिण कोरिया और फ्रांस में AI और आर्थिक विकास पर चर्चा हुई। अब भारत इस श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए AI के वास्तविक यूज और जमीनी असर पर फोकस कर रहा है, खासकर विकासशील देशों के लिए।
AI Impact Summit 2026 में सिर्फ टेक्नोलॉजी ही नहीं, बल्कि रिसर्च और नौकरियों पर भी खास ध्यान दिया जाएगा। AI पर होने वाली रिसर्च को लेकर एक बड़ा सिम्पोजियम होगा, जिसमें दुनिया भर से 250 से ज्यादा रिसर्च आइडिया भेजे गए हैं। इसका मकसद यह है कि रिसर्च सिर्फ कागजों तक न रहे, बल्कि उससे नीतियां बनें और असली जिंदगी में काम आने वाले समाधान निकलें। इस समिट में अलग-अलग ग्रुप्स बनाकर यह भी चर्चा होगी कि AI से नौकरियों पर क्या असर पड़ेगा, AI सिस्टम पर लोग कितना भरोसा कर सकते हैं और AI कितना सुरक्षित है। इसी दौरान भारत सरकार अपने IndiAI Mission के तहत कई नए AI Language Model लॉन्च करेगी, जिसे मार्च 2024 में मंजूरी मिली थी। इसके अलावा यहां 500 से ज्यादा AI स्टार्टअप्स हिस्सा लेंगे और करीब 500 अलग-अलग सेशन होंगे।