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Elon Musk की Starlink सर्विस भारत में मारेगी एंट्री, Airtel के साथ मिलाया हाथ

Airtel With Starlink: Elon Musk की सैटेलाइट इंटरनेट प्रोवाइड करने वाली Starlink सर्विस जल्द ही भारत आ सकती है। इसके लिए कंपनी ने अब Airtel के साथ हाथ मिला लिया है। जानें डिटेल्स।

Published By: Manisha | Published: Mar 11, 2025, 08:22 PM (IST)

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Airtel With Starlink: Elon Musk की सैटेलाइट इंटरनेट ऑपरेटर कंपनी Starlink लंबे समय से भारत में एंट्री करने की तैयारी कर रही थी। अब फाइनली कंपनी ने इस दिशा में एक कदम आगे बढ़ा दिया है। Starlink ने भारत में एंट्री मारने के लिए टेलीकॉम कंपनी Airtel के साथ हाथ मिला लिया है। आज मंगलवार 11 मार्च को खुद Bharti Airtel ने इस संबंध में ऑफिशियल जानकारी दी है। आइए जानते हैं सभी डिटेल्स। news और पढें: Jio Vs Airtel Vs Vi: रिचार्ज करने से पहले जानें किसका 199 रुपये वाला प्लान है दमदार, किसमें मिल रहे ज्यादा फायदे

Airtel ने आज 11 मार्च को जानकारी सैटेलाइट इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए उन्होंने Elon Musk की कंपनी SpaceX के साथ साझेदारी की है। इसके लिए दोनों कंपनियों से बीच डील साइन हो चुकी है। इस डील के तहत भारत में सैटेलाइट के जरिए इंटरनेट कनेक्शन के लिए दोनों ही कंपनियां मिलकर काम करने वाली हैं। हालांकि, भारत में इस सेवा को शुरू करने के लिए भारतीय अथॉरिटीज का राजी होना रहता है। news और पढें: Airtel यूजर्स की बल्ले-बल्ले, फ्री में मिलेगा Netflix-JioHotstar

ऑफिशियल रिलीज में इस पार्टनर्शिप से जुड़ी जानकारी दी गई है। इस नई सर्विस के तहत भारतीय इंटरनेट कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है। इस पार्टनर्शिप के जरिए एयरटेल कंपनी रिमोट क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड एक्सेस प्रोवाइड करेगी। साथ ही कंपनी Starlink के इक्विपमेंट्स की बिक्री करेगी। देखा जाए, तो इस पार्टनर्शिप के जरिए दोनों ही कंपनियों को भारतीय मार्केट काफी फायदा होने वाला है।

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क्या है Starlink?

Elon Musk की Starlink सर्विस दुनियाभर में काफी पॉपुलर है। वहीं, अब कंपनी धीरे-धीरे इसका विस्तार पूरी दुनिया में कर रही है। यह कंपनी की सैटेलाइट इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रोवाइड करने वाली कंपनी है। Starlink इक्विपमेंट्स घर की छत व खुली जगह में रखना होता है। इसके बाद यह इक्विपमेंट्स सीधे यूजर को सैटेलाइट के जरिए इंटरनेट एक्सेस प्रोवाइड करेगा। यह सर्विस खासतौर पर भारत के उन रिमोट क्षेत्रों में फायदेमंद साबित होगी, जहां फाइबर ऑप्टिक्स अभी तक पहुंच नहीं पाया है। ऐसे में यूजर्स सीधे सैटेलाइट के जरिए इंटरनेट एक्सेस प्राप्त करेंगे।