Written By Manisha
Edited By: Manisha | Published By: Manisha | Published: Mar 13, 2024, 05:20 PM (IST)
OPPO India ने अपने ग्राहकों को सौगात देते हुए नई OPPO Self-Help Assistant सर्विस की शुरुआत कर दी है। इस सर्विस के तहत यूजर्स अपने स्मार्टफोन को खुद से ही ठीक कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें सर्विस सेंटर जानें की जरूरत नहीं पड़ेगी। ओप्पो की यह नई कई पिछले 5 तक लॉन्च हुए सभी स्मार्टफोन्स पर लागू होगी, जिसमें Oppo A, F, K, Reno और Find सीरीज से फोन शामिल हैं। दरअसल, ओप्पो की यह नई सर्विस भारत सरकार की “Right to Repair” पहल के तहत जारी की गई है, जिसके तहत ग्राहकों को डिवाइस रिपेयर करने के लिए एक्सटेंसिव सपोर्ट व गाइडेंस प्रोवाइड की जाएगी। आइए जानते हैं इस संबंध में सभी डिटेल्स। और पढें: Oppo Find X9 Ultra जल्द होगा ग्लोबल लॉन्च, कंपनी ने किया कंफर्म, मिल सकते हैं ये फीचर्स
भारत सरकार की “Right to Repair” पहल के तहत पेश की गई OPPO की Digital Self-Help Assistant सर्विस सभी यूजर्स के लिए लॉन्च हो गई है। इस सर्विस के तहत यूजर्स बिना सर्विस सेंटर जाए घर बैठे अपने ओप्पो डिवाइस को खुद से रिपेयर कर सकेंगे। जैसे कि हमने बताया यह सेल्फ असिस्टेंट सर्विस उन सभी ओप्पो डिवाइस पर लागू होगी, जिसे कंपनी ने पिछले 5 साल के अंदर लॉन्च किया है। इसका मतलब यह है कि यह इसमें Oppo A, F, K, Reno और Find सीरीज आदि शामिल है। और पढें: Oppo K14 Turbo और K14 Turbo Pro के लॉन्च से पहले फीचर्स हुए लीक, इस Certification Database पर आए नजर
1. Self-Help Assistant सर्विस का इस्तेमाल करने के लिए आपको OPPO वेबसाइट या फिर MyOPPO पर जाना होगा। और पढें: Oppo K14 5G हुआ 1000 रुपये सस्ता, 7000mAh बैटरी सिंगल चार्ज पर चलेगी लंबा
2. ऐप में आपको Support Tab का ऑप्शन दिखाई देगा।
3. इस सेक्शन में आपको Self-Help Assistant टैब दिखाई देगी।
4. यहां आपको अपको अपने डिवाइस का मॉडल नंबर डालना होगा।
5. इसके बाद यहां आपको दो ऑप्शन दिखाई देंगे, जो हैं Simulations या फिर Troubleshooting।
Simulations ऑप्शन के तहत यूजर्स को 400 से ज्यादा सेटिंग्स एक्सेस व फंक्शन प्राप्त होंगे, जिसमें कैमरा, रिकॉर्डिंग, मैमोरी, Wi-Fi & Hotspot जैसे ऑप्शन शामिल होंगे। यजूर्स अपनी क्वैरी टाइप कर सकते हैं। इसके अलावा, उन्हें मैन्यू में भी इन फीचर्स को एक्सप्लोर करने का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस जानने के मिलेगा।
Troubleshooting के तहत यूजर्स को सॉफ्टवेयर से जुड़ी समस्याओं का हल मिलता है, जिसमें डेटा, नेटवर्क व डिवाइस सपोर्ट आदि शामिल है। इसके लिए आपको पहले कुछ सवालों का जवाब देने होंगे।