comscore

1 मार्च से भारत में WhatsApp पर होगा नया नियम लागू, अब SIM के बिना नहीं चलेगा अकाउंट

1 मार्च 2026 से Department of Telecommunications (DoT) के नए नियम लागू होने वाले हैं, जिससे भारत में WhatsApp इस्तेमाल करने का तरीका बदल जाएगा। अब अकाउंट को फोन में मौजूद एक्टिव SIM से जोड़े रखना जरूरी होगा। सरकार का कहना है कि यह कदम साइबर फ्रॉड और फर्जी अकाउंट रोकने के लिए उठाया गया है। आइए जानते हैं...

Edited By: Ashutosh Ojha | Published By: Ashutosh Ojha | Published: Feb 28, 2026, 04:31 PM (IST)

  • whatsapp
  • twitter
  • facebook
  • whatsapp
  • twitter
  • facebook

1 मार्च 2026 से भारत में WhatsApp यूज करने का तरीका बदलने वाला है। केंद्र सरकार के Department of Telecommunications (DoT) ने Telecom Cyber Security (TCS) Rules, 2024 के तहत SIM Binding को अनिवार्य कर दिया है। इसका मतलब यह है कि अब आपका WhatsApp अकाउंट आपके फोन में डाली गई असली (फिजिकल) SIM से लगातार जुड़ा रहना जरूरी होगा। सरकार ने साफ कहा है कि 28 फरवरी के बाद इस नियम में कोई ढील नहीं मिलेगी। यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा और बढ़ते साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए लिया गया है। सरकार के आंकड़ों के अनुसार 2024 में साइबर धोखाधड़ी से 22,800 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है, जिसे कम करने के लिए यह सख्त कदम उठाया गया है।

SIM Binding क्या है और यह कैसे काम करेगा?

अब तक WhatsApp ‘Verify Once’ मॉडल पर काम करता था, यानी आपने एक बार मोबाइल नंबर डालकर OTP से अकाउंट एक्टिव कर लिया, तो बाद में SIM निकाल देने पर भी ऐप चलता रहता था। आप WhatsApp Web, लैपटॉप, टैबलेट या दूसरे डिवाइस पर बिना SIM के भी आसानी से इस्तेमाल कर सकते थे, लेकिन नए SIM Binding नियम के बाद ऐसा नहीं होगा। DoT के नए फ्रेमवर्क के अनुसार WhatsApp लगभग हर 6 घंटे में चेक करेगा कि आपके अकाउंट से जुड़ी SIM आपके फोन में मौजूद है या नहीं। अगर SIM निकाल दी गई, बदल दी गई या बंद हो गई, तो WhatsApp काम करना बंद कर देगा, जब तक कि वही पुरानी SIM दोबारा फोन में डालकर वेरिफाई न की जाए।

सरकार यह सख्त नियम क्यों ला रही है?

सरकार का कहना है कि कई साइबर अपराधी एक बार भारतीय नंबर से OTP लेकर अकाउंट बना लेते हैं और फिर विदेश से उसे ऑपरेट करते हैं। इससे उन्हें ट्रेस करना मुश्किल हो जाता है। SIM Binding से हर एक्टिव अकाउंट KYC-Verified SIM से जुड़ा रहेगा और वह SIM डिवाइस में फिजिकली मौजूद होगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक WhatsApp ने कुछ भारतीय यूजर्स को पहले ही मैसेज भेजना शुरू कर दिया है, जिसमें लिखा है कि ‘भारत में नियमों की वजह से WhatsApp को यह जांचना होगा कि आपकी SIM आपके फोन में ही है’ Android के बीटा वर्जन में इस सिस्टम की टेस्टिंग भी शुरू हो चुकी है।

Add Techlusive as a Preferred SourceAddTechlusiveasaPreferredSource

1 मार्च से यूजर्स को क्या दिक्कतें आ सकती हैं?

1 मार्च से सबसे बड़ा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो WhatsApp Web या डेस्कटॉप ऐप का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। हर 6 घंटे में Web या Desktop से ऑटोमैटिक लॉगआउट हो सकता है और दोबारा लॉगिन करने के लिए आपके पास फोन और उसमें एक्टिव SIM होना जरूरी होगा। ‘Linked Devices’ फीचर पर भी सख्ती होगी, यानी Wi-Fi टैबलेट या सेकेंडरी फोन पर इस्तेमाल करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। यूजर्स को सलाह दी गई है कि वे अपना ऐप लेटेस्ट वर्जन में अपडेट रखें, यह सुनिश्चित करें कि WhatsApp उसी SIM से जुड़ा है जो फोन में डली है और अगर Web या Desktop का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं तो अपना प्राइमरी फोन पास में रखें। नए नियम से थोड़ी असुविधा जरूर होगी, लेकिन सरकार का दावा है कि इससे देश में साइबर फ्रॉड पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।