WhatsApp का बड़ा अलर्ट, फर्जी ऐप से हो रही जासूसी, ऐसे करें खुद का बचाव

WhatsApp यूजर्स के लिए अहम खबर है। हाल ही में ऐप के फेक वर्जन को स्पॉट किया गया है, जिसके जरिए यूजर्स की निगरानी की जा रही है और पर्सनल डेटा को एक्सेस किया जा रहा है। इसे लेकर कंपनी की ओर से चेतावनी जारी की गई है।

Published By: ajay verma | Published: Apr 02, 2026, 10:36 AM (IST)

तकनीक का विकास जितनी तेजी से हो रहा है, उतनी तेजी से डेटा चोरी होने के मामले भी बढ़ रहे हैं। हैकर्स नकली वेबसाइट व ऐप बनाकर लोगों का डेटा चुरा रहे हैं। इस बीच व्हाट्सएप (WhatsApp) के फर्जी ऐप को स्पॉट किया गया है, जिससे यूजर्स का पर्सनल डेटा चुराने का प्रयास और जासूसी की जा रही है। इसे लेकर अलर्ट जारी किया गया है। और पढें: ऑनलाइन फ्रॉड से बचाएगा WhatsApp का खास सिक्योरिटी फीचर, ऐसे करें ऑन

WhatsApp Fake App

Wabetainfo ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप (WhatsApp) ने करीब 200 यूजर्स को नकली ऐप को लेकर अलर्ट किया है। यह ऑफिशियल ऐप का नकली वर्जन है। इसके जरिए सर्विलांस सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किए जा रहे हैं। और पढें: Instagram, WhatsApp और Facebook चलाने के लिए देने होंगे पैसे, आ गए नए सब्सक्रिप्शन प्लान

रिपोर्ट में आगे बताया गया कि अटैकर्स ने हाल ही में व्हाट्सएप के फेक वर्जन को बनाया है। इसे फिशिंग लिंक्स के जरिए यूजर्स तक पहुंचाया जा रहा है। यदि कोई इस ऐप को डाउनलोड कर लेता है, तो इस ऐप्लिकेशन में मौजूद स्पाइवेयर एक्टिव हो जाता है। यह संवेदनशील डेटा जैसे मैसेज, कॉन्टैक्ट, बैंकिंग पासवर्ड व आईडी आदि पर अपनी पकड़ बनाकर अटैकर्स को एक्सेस प्रदान करता है, जिससे प्राइवेसी पर खतरा मंडराने लगता है। और पढें: WhatsApp में जल्द होगा बड़ा बदलाव, यूजर्स को मिलेंगी पहले से ज्यादा GIF

इस कंपनी ने तैयार किया स्पाइवेयर

रिपोर्ट के अनुसार, इस स्पाइवेयर को कथित तौर पर SIO ने तैयार किया है, जो सिक्योरिटी एजेंसियों के लिए स्पाइ टूल बनाती है।

फेक ऐप से ऐसे बचें

व्हाट्सएप ने अपने यूजर्स को सुरक्षित रखने के लिए अलर्ट जारी करने के साथ-साथ फेक ऐप से यूजर्स को लॉग-आउट किया और फर्जी ऐप की जानकारी दी। इसके अलावा, यूजर्स को तुरंत ऐप डिलीट करने के लिए कहा और गूगल प्ले-स्टोर व ऐप स्टोर से ओरिजनल व्हाट्सएप डाउनलोड करने की सलाह दी।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि भारत में डेटा हैकिंग के मामलों में वृद्धि देखने को मिली है। 2022 से 2024 तक 10.29 लाख से बढ़कर 22.68 लाख तक हुई। 2025 में मामलों में 65 प्रतिशत का इजाफा हुआ। ऐसे में सतर्क रहने की बहुत जरूरत है।

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