सावधान! तुरंत अपने स्मार्टफोन से डिलीट करें ये ऐप, नहीं तो चोरी हो जाएगा डेटा
डॉक्टर वेब की रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल प्ले-स्टोर के 101 ऐप में SpinOk ओके नाम का मैलवेयर डिटेक्ट किया गया है। यह वायरस एडवरटाइजमेंट SDK का सहारा लेकर यूजर के डिवाइस तक पहुंचता है और निजी डेटा चुरा लेता है।
Published By: ajay verma | Published: May 31, 2023, 08:57 PM (IST)
हाइलाइट
- Google Play Store पर मौजूद 100 से अधिक ऐप में मैलवेयर को स्पॉट किया गया है।
- यह मैलवेयर यूजर का निजी डेटा चुराता है।
- CERT-In ने हाल ही में DAAM वायरस को लेकर अलर्ट जारी किया था।
Google Play Store पर मौजूद मोबाइल ऐप्स में खतरनाक मैलवेयर पाया गया है, जिसका नाम SpinOk है। इस मैलवेयर से प्रभावित ऐप्स की संख्या 100 से अधिक है और इन्हें 400 मिलियन से ज्यादा यूजर्स ने डाउनलोड किया है। यह जानकारी Dr. Web की एक रिपोर्ट से मिली है। इससे पहले भी कई बार प्ले-स्टोर के ऐप्स में वायरस को डिटेक्ट किया जा चुका है।
मिनी गेम्स की आड़ में चुराता है पर्सनल डेटा
डॉक्टर वेब के शोधकर्ताओं ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि SpinOk मैलवेयर एडवरटाइजमेंट SDK का सहारा लेकर यूजर्स के डिवाइस तक पहुंचा है और यह डेली रिवॉर्ड वाले मिनी गेम्स के रूप में दिखाई देता है। रिपोर्ट में आगे बताया गया कि यह मैलवेयर यूजर के निजी डेटा को चुराकर रिमोट सर्वर पर भेजता है।
इस मैलवेयर को मिनी गेम्स का लुक इसलिए दिया गया है, जिससे यूजर का इंटरेस्ट इसमें बना रहें और यह बैकग्राउंड में यूजर का डेटा चुराकर हैकर्स के सर्वर तक ट्रांसफर करता रहें।
इन ऐप्स को अपने फोन से करें डिलीट
- Noizz: video editor with music
- Zapya – File Transfer, Share
- VFly: video editor&video maker
- MVBit – MV video status maker
- Biugo – video maker&video editor
- Crazy Drop
- Cashzine – Earn money reward
- Fizzo Novel – Reading Offline
- CashEM: Get Rewards
- Tick: watch to earn
रिपोर्ट के मुताबिक, सभी मैलिशियस ऐप्स में से केवल एक को गूगल प्ले-स्टोर से हटाया गया है। इससे यह प्रतित होता है कि गूगल ने मैलिशियस एसडीके से जुड़ी रिपोर्ट मिलने के बाद अपने प्लेटफॉर्म से ऐप को हटाया है। अगर आप भी ऊपर बताए गए ऐप्स में से किसी एक का इस्तेमाल करते हैं, तो उसे तुरंत अपने फोन से डिलीट कर दें। ऐसा करने से आपका निजी डेटा सुरक्षित रहेगा।
मिला एक और एंड्रॉइड वायरस
स्पिनओके के अलावा DogeRAT एंड्रॉइड वायरस को भी स्पॉट किया गया है, जो एक रिमोट एक्सेस ट्रोजन है। इसे AI साइबर सिक्योरिटी कंपनी CloudSEK ने डिस्कवर किया है। यह मैलवेयर फर्जी वेबसाइट और अनऑफिशियल ऐप के जरिए यूजर के डिवाइस में पहुंचता है और निजी डेटा के साथ-साथ बैंकिंग डिटेल चोरी है।
रिपोर्ट बताती है कि DogeRAT वायरस हैकर्स को प्रभावित डिवाइस का रिमोट एक्सेस प्रदान करता है, जिससे वह फोटो क्लिक करने से लेकर पेमेंट तक ट्रांसफर कर सकते हैं। वहीं, यह वायरस यूजर के डिवाइस को विज्ञापनों से भर देता है।
हाल ही में मिला यह वायरस
बता दें कि केंद्र सरकार की इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम CERT-In ने हाल ही में DAAM वायरस को लेकर अलर्ट जारी किया था, जिसमें कहा गया कि यह वायरस यूजर्स के एंड्रॉइड डिवाइस में घुसकर कॉल-लॉग, कॉन्टैक्ट से लेकर हिस्ट्री और पासवर्ड तक चुरा रहा है। यही नहीं दाम मैलवेयर एंटी-वायरस की सिक्योरिटी वॉल को भेदने में भी सक्षम है।
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