स्मार्टफोन में दिख रहे ये संकेत समझ जाए आ गया Virus, ऐसे करें रिमूव
तकनीक अपग्रेड होने के साथ हैकर्स भी अपडेट हो गए हैं। वे वायरस और मैलवेयर के माध्यम से फोन को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि कैसे वायरस या मैलवेयर की पहचान की जाए और उसे कैसे हटाया जाए।
Published By: ajay verma | Published: Apr 29, 2026, 10:59 AM (IST)
स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा है। इस छोटे से डिवाइस में हमारी पर्सनल जानकारी से लेकर बैंक से जुड़ी अहम डिटेल तक सेव रहती हैं। इसके जरिए हम बाहरी दुनिया से जुड़े रहते हैं। यही कारण है कि अब फोन हैकिंग का सरल निशाना बन गया है। ज्यादातर हैकर्स वायरस इंस्टॉल करके फोन को हैक लेते हैं और निजी जानकारी चुरा लेते हैं।
हम आपको इस गाइड में कुछ बाते बताने जा रहे हैं, जिनसे आप जान पाएंगे कि आपके फोन में वायरस है या नहीं। इसके साथ वायरस को हटाने का आसान तरीका बताएंगे। आइए नीचे विस्तार से जानते हैं...
कैसे काम करता है फोन में मौजूद वायरस ?
लैपटॉप में मौजूद वायरस फोन के वायरस से अलग होता है। सबसे पहले लैपटॉप के वायरस की बात करें, तो यह खुद ब खुद पूरे सिस्टम में फैल जाता है। वहीं, फोन में इंस्टॉल वायरस उसकी खामियों को टारगेट करता है, जिससे हैकर्स को डिवाइस का एक्सेस मिल जाता है।
स्मार्टफोन के साथ क्या कर सकता है वायरस या मैलवेयर ?
एंड्रॉइड फोन को टारगेट करने के लिए वायरस का उपयोग किया जाता है, जिसमें एडवेयर, रैनसमवेयर, स्पाइवेयर, ट्रोजन और वर्म शामिल होते हैं। इन प्रोग्राम को खासतौर पर फोन में घुसकर आपकी निजी जानकारी चुराने के लिए तैयार किया जाता है।
वायरस कई तरह से फोन को बहुत नुकसान पहुंचा सकता है। यह बैटरी को प्रभावित करने के साथ-साथ हीटिंग इश्यू ला सकता है और डेटा लीक कर देता है। यही नहीं परफॉर्मेंस बिगाड़ सकता है, जिससे यूजर को फोन इस्तेमाल करने में काफी परेशानी आ सकती है।
कैसे पहचाने फोन में वायरस है या नहीं ?
हम आपको कुछ संकेतों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे आप जान सकेंगे कि आपके मोबाइल फोन में वायरस है या नहीं।
संकेत 1. आपके फोन की बैटरी तेजी से कम हो रही है, तो मुमकिन है कि आपके डिवाइस में वायरस हो सकता है।
संकेत 2. वायरस के होने से फोन जल्दी गर्म हो जाता है।
संकेत 3. आमतौर पर इंटरनेट यूज करने के दौरान विज्ञापन से जुड़े थोड़े बहुत पॉप-अप आते हैं। यह सामान्य बात है, लेकिन वेब बंद करने बाद भी लगातार पॉप-अप आ रहे हैं, तो यह वायरस का संकेत हो सकता है।
संकेत 4. कई वायरस बैकग्राउंड में एक्टिव रहते हैं। इस वजह से डेटा जल्दी खत्म हो जाता है। ऐसे में माना जा सकता है कि फोन में वायरस आ चुका है।
ऐसे करें वायरस रिमूव
कैशे क्लियर करें
मैलिशियस साइट विजिट करने से उनका डेटा डिवाइस में स्टोर हो जाता है, जिससे वायरस या मैलवेयर इंस्टॉल होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए फोन के ब्राउजर की सेटिंग में जाकर कैशे क्लियर करें। इससे संग्धित साइट का डेटा डिलीट हो जाएगा।
गूगल प्ले प्रोटेक्ट स्कैन
गूगल प्ले प्रोटेक्ट को स्पेशली वायरस डिटेक्ट करके डिवाइस को सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया है। इस सुविधा के जरिए आप वायरस या मैलवेयर वाले ऐप की पहचान करके डिलीट कर सकते हैं। इसके लिए मैनेज ऐप में जाएं। यहां आपको स्कैन ऐप विद प्ले प्रोटेक्ट का ऑप्शन मिलेगा, जिस पर आपको टैप करना है। इसके बाद स्कैनिंग शुरू हो जाएगी।
फैक्टरी रीसेट
फैक्टरी रीसेट करके भी वायरस को जड़ से खत्म किया जा सकता है। अगर आपको लग रहा है कि आपके फोन में वायरस या मैलवेयर है, तो आप सेटिंग में जाकर फैक्टरी रीसेट कर दें। इससे पूरा डेटा डिलीट हो जाएगा और डिवाइस नया जैसा हो जाएगा।
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