Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: May 20, 2026, 03:02 PM (IST)
EPFO
EPF अकाउंट में Aadhaar, PAN या बैंक डिटेल्स गलत होने पर कर्मचारियों को PF क्लेम, अकाउंट ट्रांसफर और KYC वेरिफिकेशन जैसी सेवाओं में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसी वजह से Employees Provident Fund Organisation (EPFO) ने UAN पोर्टल पर KYC जानकारी अपडेट और वेरिफाई रखना जरूरी बताया है। EPFO अब ज्यादातर सेवाओं को ऑनलाइन और Aadhaar आधारित बना रहा है, इसलिए कर्मचारियों के लिए यह प्रक्रिया पहले से ज्यादा जरूरी हो गई है। और पढें: 1 अप्रैल से PF निकालना हुआ आसान, ATM और UPI से मिनटों में मिलेगा पैसा, जानिए पूरा नया प्रोसेस
PF KYC का मतलब है कि कर्मचारी अपने Universal Account Number यानी UAN अकाउंट के साथ जरूरी पहचान और बैंकिंग डॉक्यूमेंट लिंक करें। इसमें Aadhaar, PAN, बैंक अकाउंट, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और वोटर ID जैसे डॉक्यूमेंट शामिल हैं, हालांकि ऑनलाइन PF क्लेम और ट्रांसफर के लिए Aadhaar, PAN और बैंक डिटेल्स सबसे ज्यादा जरूरी माने जाते हैं। सही KYC होने पर PF Withdrawal, पेंशन क्लेम और अकाउंट ट्रांसफर जैसी सेवाएं तेजी से पूरी हो सकती हैं।
EPFO पोर्टल पर KYC अपडेट करने से पहले कुछ जरूरी चीजें तैयार रखना जरूरी है। कर्मचारी के पास एक्टिव UAN नंबर, पोर्टल का पासवर्ड, Aadhaar से लिंक मोबाइल नंबर, PAN कार्ड डिटेल्स और सही बैंक अकाउंट नंबर व IFSC कोड होना चाहिए। Aadhaar से जुड़ा मोबाइल नंबर चालू रहना जरूरी है क्योंकि कई बार OTP के जरिए वेरिफिकेशन किया जाता है। अगर मोबाइल नंबर बंद है, तो KYC प्रक्रिया बीच में अटक सकती है।
KYC अपडेट करने के लिए सबसे पहले कर्मचारी को UAN Member Portal पर लॉगिन करना होगा। इसके बाद ‘Manage’ टैब में जाकर ‘KYC’ ऑप्शन चुनना होगा। यहां पहले से लिंक डॉक्यूमेंट दिखाई देते हैं और नए डॉक्यूमेंट जोड़ने का ऑप्शन भी मिलता है। कर्मचारी Aadhaar, PAN, बैंक अकाउंट या बाकी डॉक्यूमेंट चुनकर जरूरी जानकारी भर सकते हैं। जानकारी भरने के बाद डिक्लेरेशन बॉक्स पर टिक कर ‘Save’ करना होगा। इसके बाद डॉक्यूमेंट ‘Pending KYC’ सेक्शन में दिखाई देने लगते हैं।
KYC अपडेट के बाद कई मामलों में नियोक्ता यानी कंपनी को डिजिटल तरीके से इसे मंजूरी देनी होती है। वेरिफिकेशन पूरा होने पर स्टेटस ‘Verified’ दिखने लगता है। अगर Aadhaar OTP आधारित ऑथेंटिकेशन सफल हो जाए, तो कुछ मामलों में प्रक्रिया अपने आप पूरी हो सकती है, लेकिन नाम की स्पेलिंग में फर्क, PAN की गलत जानकारी या बैंक अकाउंट नंबर में गलती जैसी छोटी समस्याएं भी वेरिफिकेशन रोक सकती हैं। इसी तरह Aadhaar और EPFO रिकॉर्ड में नाम अलग होने पर भी KYC रिजेक्ट हो सकता है।
EPFO ने कर्मचारियों को सलाह दी है कि PF क्लेम या ट्रांसफर आवेदन करने से पहले Aadhaar, PAN और बैंक डिटेल्स सही तरीके से लिंक और वेरिफाई जरूर कर लें। साथ ही यह भी जांच लें कि नौकरी छोड़ने की जानकारी और बाकी प्रोफाइल डिटेल्स कंपनी द्वारा सही अपडेट की गई हों। कर्मचारी UAN पोर्टल पर जाकर अपने KYC का स्टेटस ‘Pending’, ‘Verified’ या ‘Rejected’ के रूप में देख सकते हैं। सही और अपडेटेड KYC रिकॉर्ड रखने से ऑनलाइन PF सेवाओं का इस्तेमाल आसान हो जाता है और क्लेम प्रोसेसिंग में होने वाली देरी से बचा जा सकता है।