क्या है Digital Arrest, जिससे बचने के लिए PM Modi ने बताए अहम Tips

Digital Arrest को लेकर PM Modi ने Man ki Baat कार्यक्रम में लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है। इसके अलावा, उन्होंने इस स्कैम से बचने के महत्वपूर्ण टिप्स भी बताए हैं।

Published By: ajay verma | Published: Oct 28, 2024, 10:45 AM (IST)

Digital Arrest: भारत में ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। स्कैमर्स नए-नए तरीके इस्तेमाल करके लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। इन ही में से एक डिजिटल अरेस्ट है, जिसका जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने 115वें मन की बात (Man ki Baat) एपिसोड में किया है। उन्होंने इस कार्यक्रम के दौरान देश के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। साथ ही, बचने के टिप्स भी बताए हैं। और पढें: Android यूजर्स के लिए बड़ा खतरा, ये मैलवेयर चुपचाप कर सकता है आपके फोन पर पूरा कंट्रोल, जानें क्या करें

क्या है Digital Arrest

पीएम मोदी (PM Modi) ने मन की बात कार्यक्रम के दौरान बताया कि डिजिटल अरेस्ट बहुत खतरनाक है। इसे अंजाम देने के लिए फ्रॉड करने वाले लोगों की निजी जानकारी कलेक्ट करते हैं। फिर पुलिस, सीबीआई, आरबीआई और नार्कोटिक्स जैसे बड़े विभाग के अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करते हैं। पूरे कॉन्फिडेंस के साथ बात करते हैं और कानूनी कार्रवाई करने का डर दिखाते हैं, जिससे लोगों को यकनीक हो जाता है कि वे असल में अधिकारी है। इसके बाद वे उनके जाल में फंस जाते हैं और फ्रॉड का शिकार हो जाते हैं। इस प्रकार की धोखाधड़ी के शिकार कई लोग हो चुके हैं, जो लाखों रुपये गंवा चुके हैं। और पढें: साइबर फ्रॉड से बचना अब आसान, ऐसे पहचानें फर्जी नंबर और लिंक

स्कैम से कैसे बचें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से अपील की है कि इस तरह की धोखाधड़ी से बचकर रहें। बिल्कुल भी घबराएं नहीं। उन्होने कहा कि 'रुकें, सोचें और एक्शन लें'। हो सकें तो कॉल की स्क्रीनशॉट लें और रिकॉर्ड करें। कोई भी एजेंसी धमकी नहीं देती, न ही वीडियो कॉल के जरिए पूछताछ करती और न ही पैसे मांगती है। यदि आप शिकार हो गए हैं, तो परेशान न हो। सबसे पहले 1930 हेल्पलाइन नंबर या फिर cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। और पढें: WhatsApp के 98 लाख अकाउंट बैन करने के बावजूद सरकार ने क्यों जताई चिंता, जानें यहां

आपको बताते चलें कि हाल ही में डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया था। इसमें लखनऊ के SGPGI अस्पताल की एक महिला डॉक्टर रुचिका टंडन को शिकार बनाया गया। ठगों ने खुद को CBI और TRAI के अधिकारी बनकर झूठा मनी लॉन्ड्रिंग का केस लगाकार 2.8 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की।

इस तरह के मामलों को रोकने के लिए Home Ministry, IT Ministry, Department of Telecommunications Department of Financial Services, Department of Economic Affairs (DEA), department of revenue (DOR), Reserve Bank of India (RBI) और TRAI लगातार काम कर रहे हैं।

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