WhatsApp के 98 लाख अकाउंट बैन करने के बावजूद सरकार ने क्यों जताई चिंता, जानें यहां

WhatsApp ने इस साल अक्टूबर तक 98 लाख अकाउंट पर प्रतिबंध लगाया था। यह कार्रवाई नियम का उल्लंघन करने और फ्रॉड पर रोक लगाने के लिए की गई। हालांकि, इस कदम के उठाए जाने के बाद भी सरकार चिंतित है।

Published By: ajay verma | Published: Dec 23, 2025, 11:01 AM (IST) | Edited: Dec 23, 2025, 06:01 PM (IST)

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WhatsApp ने इस साल अक्टूबर तक 9.8 मिलियन (98 लाख) भारतीय अकाउंट को बैन किया था। यह सख्त कदम कंपनी के नियम का उल्लंघन करने, दुरुपयोग करने और बढ़ते साइबर फ्रॉड पर रोक लगाने के लिए उठाया गया, लेकिन इसके बावजूद भारत सरकार ने चिंता जताई है। साइबर अपराध पर पूरी तरह से लगाम लगाने के लिए अधिक पारदर्शिता की जरूरत है। इस वजह से सरकार और व्हाट्सएप के बीच लगातार बातचीत की जा रही है। और पढें: WhatsApp जल्द ला रहा है ये कमाल का फीचर, 15 मिनट में अपने आप डिलीट होंगे मैसेज

इकोनॉमिक टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि WhatsApp के लिए भारत बड़ा बाजार है। नियमों का उल्लंघन करने से लेकर फ्रॉड तक में शामिल नंबरों को हर महीने बैन किया जाता है। हालांकि, कंपनी अपनी पॉलिसी के कारण इन नंबर की डिटेल सरकार के साथ साझा नहीं करती है, जिससे सरकार के लिए साइबर अपराध पर रोक लगाना बहुत मुश्किल हो जाता है।

रिपोर्ट में सरकारी आधिकारियों का हवाला देते हुए बताया गया कि व्हाट्सएप पर बैन किए गए भारतीय मोबाइल नंबर Telegram जैसे दूसरे प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट हो जाते हैं और अपराध को देश के अंदर व बाहर अंजाम देते हैं। ऐसे नंबर्स को सरकार के लिए ट्रैक करना बहुत मुश्किल हो जाता है। इस पारदर्शिता की कमी की वजह से लोगों पर खतरा लगातार बना रहता है।

WhatsApp पर होते हैं सबसे ज्यादा स्कैम

आधिकारियों ने बताया कि व्हाट्सएप स्कैमर्स का बड़ा हथियार है। डिजिटल अरेस्ट जैसे 95 प्रतिशत स्कैम व्हाट्सएप पर होते हैं। ऐसे में सरकार के पास ऐसे नंबर की जानकारी होना बहुत जरूरी है। इससे साइबर फ्रॉड को रोकने में बहुत मदद मिलेगी।

इस मुद्दे पर सरकार व्हाट्सएप और अन्य प्लेटफॉर्म्स से बात कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि हमें ऑनलाइन धोखाधड़ी में शामिल शख्स की निजी डिटेल नहीं चाहिए, सिर्फ उसका नंबर चाहिए। इससे लोगों की हैकर्स का शिकार होने से रोका जा सकेगा। साथ ही, अपराध पर भी रोक लगाई जा सकेगी।

आपको बता दें कि सरकार के निर्देश पर फ्रॉड में शामिल व्हाट्सएप नंबर्स को बैन कर दिया जाता है, मगर उन नंबर से जुड़ी अधिक जानकारी शेयर नहीं की जाती है।

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