Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Feb 10, 2026, 04:54 PM (IST)
Oppo Merges Realme
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Oppo ने भारत में अपनी कारोबारी रणनीति में बड़ा बदलाव शुरू कर दिया है। कंपनी ने Realme के ऑपरेशन्स को धीरे-धीरे अपने इंडिया बिजनेस में मर्ज करना शुरू कर दिया है। इस फैसले के तहत Realme को अब Oppo के अंदर एक सब-ब्रांड की तरह पोजिशन किया जा रहा है। इस प्रक्रिया की शुरुआत बैकएंड ऑपरेशन्स से हुई है, जिसमें इंटरनल सेल्स सपोर्ट और सर्विस से जुड़े विभाग शामिल हैं। इस बदलाव का असर कर्मचारियों पर भी पड़ा है और कुछ टीमों में जॉब रोल खत्म किए जा रहे हैं। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है, जब भारत का स्मार्टफोन बाजार बेहद कॉम्पिटेटिव हो चुका है और कंपनियां खर्च घटाने के उपाय तलाश रही हैं। और पढें: Realme Narzo 90 Series 5G: जल्द होने वाली है भारत में धमाकेदार लॉन्च, Amazon पर होगी बिक्री
मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इस Re-Structuring की शुरुआत पहले ही हो चुकी है। Realme की सेल्स सपोर्ट और सर्विस से जुड़ी टीमों को नए रिपोर्टिंग स्ट्रक्चर की जानकारी दे दी गई है। कई कर्मचारियों की जिम्मेदारियां बदली जा रही हैं, जबकि कुछ पदों को पूरी तरह खत्म किया जा रहा है ताकि Oppo और Realme के बीच मौजूद काम के दोहराव को कम किया जा सके। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेल्स सपोर्ट और सर्विस नेटवर्क से जुड़े कुछ कर्मचारियों से 30 अप्रैल तक पद छोड़ने को कहा गया है। आने वाले महीनों में यह बदलाव बाकी विभागों तक भी धीरे-धीरे लागू हो सकता है। और पढें: OPPO यूजर्स अब ठीक कर सकेंगे खराब फोन, नहीं पड़ेगी सर्विस सेंटर जाने की जरूरत
Realme के लिए यह एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। कंपनी की शुरुआत 2018 में Oppo के एक सब-ब्रांड के रूप में हुई थी, लेकिन उसी साल Realme को एक स्वतंत्र ब्रांड बना दिया गया था। करीब आठ साल बाद अब Realme को फिर से Oppo के ऑपरेशनल ढांचे में शामिल किया जा रहा है। चीन में ऐसा मॉडल पहले ही लागू किया जा चुका है, लेकिन भारत में इसे धीमी रफ्तार से लागू किया जा रहा है, जिसकी वजह Oppo से जुड़े कुछ कानूनी मामले बताए जा रहे हैं। हालांकि ब्रांडिंग और मार्केटिंग के मामले में Realme अपनी अलग पहचान बनाए रखेगा, लेकिन मार्केटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और आफ्टर-सेल्स सर्विस में Oppo की भूमिका बढ़ने वाली है।
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह फैसला पूरी तरह लागत कम करने की रणनीति का हिस्सा है। Oppo और Realme एक ही पैरेंट कंपनी से जुड़े हैं, ऐसे में अलग-अलग बैकएंड ऑपरेशन्स चलाना कंपनी के लिए महंगा साबित हो रहा था। दोनों ब्रांड्स के प्रोडक्ट डेवलपमेंट पहले से ही काफी हद तक जुड़े हुए हैं, इसलिए R&D में बड़े बदलाव की संभावना कम है। भारत में यह इंटीग्रेशन मुख्य रूप से बैकएंड तक सीमित रहने की उम्मीद है, ठीक वैसे ही जैसे Vivo और iQOO एक ही संगठन के तहत काम करते हैं।
Realme के Spokesperson ने Realme की तरफ से इसको लेकर आधिकारिक बयान जारी किया गया है…
“This adjustment is part of realme India’s ongoing organizational optimization and is in line with normal industry benchmarks. This adjustment is unrelated to any other brands. Our products, retail presence, and service commitments remain fully unaffected. realme remains deeply committed to the Indian market and will continue to uphold our mission of making technology more accessible, serving millions of users, and creating sustained long-term value.”