Meta ने AI बेस्ड इमेज क्रिएशन मॉडल किया पेश, अधूरी फोटो को सटीक तरीके से करता है पूरा
Meta ने नया इमेज क्रिएशन मॉडल पेश किया है, जो AI तक पर आधारित है। इसका नाम I-JEPA है। इसके बारे में अधिक जानने के लिए नीचे पढ़ें।
Published By: ajay verma | Published: Jun 14, 2023, 11:03 AM (IST)
हाइलाइट
- Meta ने I-JEPA इमेज क्रिएशन मॉडल पेश किया है
- यह मॉडल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक पर काम करता है।
- कंपनी का दावा है कि यह मॉडल अधूरी तस्वीर के बैकग्राउंड को समझकर उसे पूरा करता है।
टेक जाइंट Meta ने शोधकर्ताओं के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक पर आधारित इमेज क्रिएशन मॉडल पेश किया है, जिसका नाम 'I-JEPA' है। इसकी खूबी है कि यह अधूरी इमेज के बैकग्राउंड को समझकर उसका सटीक तरीके से पूरा करता है। कंपनी का कहना है कि यह मॉडल इंसानों की तरह काम करता है और यह मौजूदा मॉडल की तुलना में काफी बेहतर है।
I-JEPA मॉडल
मेटा ने बताया कि I-JEPA इमेज क्रिएशन मॉडल आधी अधूरी तस्वीरों को कम समय में कंप्लीट करता है। यह अन्य जनरेटिव AI मॉडल से बेहतर है, जो आधी इमेज को पूर्ण करने के लिए केवल आसपास के पिक्सल का सहारा लेते हैं। इस मॉडल को तैयार करने में कंपनी के टॉप AI वैज्ञानिक Yann LeCun का बड़ा हाथ है। उनका मानना है कि यह इमेज क्रिएशन मॉडल फोटो बनाते वक्त जरा सी भी गलती नहीं करेगा, जो अन्य AI मॉडल कई बार कर देते हैं।
बता दें कि लेकन को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के गॉडफादर में से एक माना गया है। उन्होंने ही 'AI doomerism' के खिलाफ आवाज उठाई और इस टेक्नोलॉजी में सुरक्षा जांच के निर्माण के पक्ष में तर्क दिया।
कंपनी की लागत होगी कम
मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) का कहना है कि कंपनी द्वारा बनाए गए मॉडल से इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, कंपनी की सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और लागत को कम किया जा सकेगा। इस तरह के मॉडल से कंपनी को बहुत फायदा होगा।
हाल ही में लॉन्च किया Metamate चैटबॉट
मेटा के हाल ही में लॉन्च हुए मेटामेट चैटबॉट की बात करें, तो यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर काम करता है। इसे खासतौर पर कंपनी के कर्मचारियों के लिए तैयार किया गया है। चैटबॉट कर्मचारियों को मीटिंग के प्वाइंट कलेक्ट करने, कोड लिखने और सुविधाओं को डिबग करने में सहायता करता है।
इस चैटबॉट को छोटे ग्रुप के लिए रोल आउट किया गया है। टेस्टिंग पूरी होने के बाद इसे सभी कर्मचारियों के लिए रिलीज कर दिया जाएगा।
पिछले साल रिलीज किया सेफ्टी टूल
आपको याद दिला दें कि मेटा ने पिछले साल दिसंबर में आतंकवाद, बाल शोषण और कंपनी के नियमों का उल्लघंन करने वाले कंटेंट पर रोक लगाने के लिए Hasher-Matcher-Actioner नाम का टूल पेश किया था।
इस टूल प्लेटफॉर्म पर मौजूद खराब कंटेंट की पहचान करके अपने आप हटाता है। इस टूल को ओपन-सोर्स इमेज एंड वीडियो मैचिंग सॉफ्टवेयर के आधार पर बनाया गया है। कंपनी का मानना है कि इस टूल के आने से प्लेटफॉर्म काफी सिक्योर हो जाएगा।
टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल की लेटेस्ट खबरों के लिए आप हमें व्हाट्सऐप चैनल, फेसबुक, यूट्यूब और X, पर फॉलो करें।