Meta ने Facebook और Instagram पर रोल आउट करना शुरू किया AI Support Assistant, मिलेंगे ये बड़ा फायदा
Meta Platforms ने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर नया Meta AI Support Assistant लॉन्च किया है। यह AI असिस्टेंट यूजर्स को उनके अकाउंट, कंटेंट और बाकी समस्याओं में तुरंत मदद करेगा। आइए जानते हैं...
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Mar 20, 2026, 11:12 AM (IST)
Meta Platforms ने अपने नए Meta AI Support Assistant को फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लॉन्च करने की घोषणा की है। यह कदम कंपनी की कोशिशों का हिस्सा है ताकि यूजर्स को उनके अकाउंट, कंटेंट और बाकी समस्याओं में आसानी से मदद मिल सके। Meta का कहना है कि यह AI असिस्टेंट यूजर के सवालों का जवाब दे सकता है और जरूरत पड़ने पर उनके लिए कार्रवाई भी कर सकता है, पिछले साल मेटा ने अपने प्लेटफॉर्म पर अवैध कंटेंट के खिलाफ प्रैक्टिव एनफोर्समेंट बढ़ाया था और कंपनी के अनुसार इसके सकारात्मक नतीजे भी सामने आए हैं।
कैसे करेगा मदद Meta AI Support Assistant?
मेटा के ब्लॉग पोस्ट के मुताबिक, यह असिस्टेंट अब फेसबुक और इंस्टाग्राम पर एंड्रॉयड, iOS और डेस्कटॉप हेल्प सेंटर्स पर उपलब्ध है। यह 24 घंटे अकाउंट से जुड़ी समस्याओं का समाधान करता है और कंपनी का दावा है कि इसका जवाब देने का समय सिर्फ पांच सेकंड से कम है। इस AI असिस्टेंट के जरिए यूजर स्कैम या इम्पर्सनेशन अकाउंट रिपोर्ट कर सकते हैं, समझ सकते हैं कि उनका कंटेंट क्यों हटाया गया और अपील भी कर सकते हैं। इसके अलावा यह पासवर्ड बदलने, प्राइवेसी सेटिंग्स संभालने और प्रोफाइल एडिट करने में भी मदद करता है, फिलहाल ये सभी फीचर्स मुख्य रूप से फेसबुक पर हैं लेकिन भविष्य में इंस्टाग्राम पर भी उपलब्ध होंगे।
कंटेंट मॉडरेशन में AI कैसे मदद कर रहा है?
मेटा ने बताया कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर कंटेंट मॉडरेशन को बेहतर बनाने के लिए और भी बेहतर AI सिस्टम्स पर काम कर रहा है। इनका उद्देश्य स्कैम, फ्रॉड, इम्पर्सनेशन और हानिकारक कंटेंट की पहचान करना है और गलत रिपोर्टिंग (फॉल्स पॉजिटिव) को कम करना है। कंपनी का दावा है कि शुरुआती टेस्टिंग में AI सिस्टम ने रोजाना लगभग 5000 स्कैम प्रयासों को पहचानकर रोका। इसके अलावा सेलिब्रिटी इम्पर्सनेशन की रिपोर्ट 80% तक कम हुई और एडल्ट से संबंधित अवैध कंटेंट की पहचान पहले से दोगुनी हो गई।
क्या AI पूरी जिम्मेदारी लेगा या इंसान अभी भी जरूरी है?
मेटा का कहना है कि अब AI कंटेंट मॉडरेशन यानी ऑनलाइन कंटेंट को चेक करने में मदद करेगा, लेकिन इंसानों की निगरानी अभी भी जरूरी है। कंपनी धीरे-धीरे अपने AI सिस्टम को और ज्यादा इस्तेमाल करेगी लेकिन मुश्किल और हाई-रिस्क वाले फैसले अभी भी इंसान करेंगे। AI का काम मुख्य रूप से बड़े और दोहराए जाने वाले कामों को संभालना होगा। मेटा का कहना है कि अब उसका AI सिस्टम दुनिया की 98% भाषाओं में काम कर सकता है, जो पहले से बहुत बड़ा सुधार है।
टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल की लेटेस्ट खबरों के लिए आप हमें व्हाट्सऐप चैनल, फेसबुक, यूट्यूब और X, पर फॉलो करें।