Digital India Act का पहला ड्राफ्ट जुलाई के अंत में होगा रिलीज, रिपोर्ट से हुआ खुलासा
भारत सरकार जुलाई के अंत में बहुचर्चित Digital India Act के पहले ड्राफ्ट को पेश करने की योजना बना रही है। इससे जुड़ी हर डिटेल जानने के लिए नीचे पढ़ें।
Published By: ajay verma | Published: May 01, 2023, 01:51 PM (IST)
हाइलाइट
- सरकार जुलाई के अंत में Digital India Act के पहले ड्राफ्ट को पेश कर सकती है।
- यह एक्ट 23 साल पुराने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट को रिप्लेस करेगा।
- डीआईए के आने से साइबर अपराध को रोकने में आसानी होगी।
भारत सरकार पिछले कई महीनों से DIA यानी डिजिटल इंडिया एक्ट को लाने की तैयारी कर रही है। कुछ समय पहले इस एक्ट से जुड़ी आउटलाइन पेश की गई थी। अब सरकार जुलाई के अंत या फिर अगस्त की शुरुआत में इस एक्ट के पहले ड्राफ्ट को रिलीज करने की प्लानिंग कर रही है। यह जानकारी इकोनॉमिक्स टाइम्स की एक रिपोर्ट से मिली है।
वकील और पब्लिक पॉलिसी कंसल्टेंट से ली जाएगी राय
रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी ने बिना नाम उजागर किए कहा कि हम मई के पहले सप्ताह में डिजिटल इंडिया एक्ट के पहले ड्राफ्ट को तैयार करेंगे। इसके लिए हम वकील, पब्लिक पॉलिसी कंसल्टेंट और अन्य टेक विशेषज्ञों का सुझाव लेंगे। उन्होंने आगे कहा कि हमने स्टेकहोल्डर्स को भी उनके सुझाव रिटन में देने के लिए 45 दिन का समय दिया है।
रिपोर्ट में आगे बताया गया कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय स्टेकहोल्डर द्वारा सबमिट किए गए सुझावों को पढ़ेगा। इसके बाद मंत्रालय पब्लिक कंसल्टेशन के लिए ड्राफ्ट जारी करने से पहले सरकारी व निजी कानूनी विशेषज्ञों की राय भी ले सकता है।
इस तारीख से शुरू होगा पब्लिक कंसल्टेशन
इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि 3 मई से डीआईए के पहले ड्राफ्ट के लिए पब्लिक कंसल्टेशन शुरू होगा। इसको देश के अलग-अलग शहरों में भी शुरू किया जाएगा। आपको बता दें कि डिजिटल इंडिया एक्ट 23 साल पुराने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट को रिप्लेस करने वाला है।
इसके आने से साइबर अपराध पर नजर रखी जा सकेगी और इसमें सख्त सजा का भी प्रवधान होगा। इतना ही नहीं इसके आने से यूजर्स का डेटा भी पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और लीक होने की संभावना भी बहुत कम हो जाएगी।
फरवरी में इन मोबाइल एप्लिकेशन पर लगी रोक
याद दिला दें कि भारत सरकार ने इस साल की शुरुआत में 138 बेटिंग और 94 डिजिटल लोन देने वाले मोबाइल एप्लिकेशन पर प्रतिबंध लगाया था। इन सभी ऐप पर चीन से जुड़े होने का आरोप लगा था। सरकार ने यह सख्त कदम यूजर की शिकायतों को ध्यान में रखकर उठाया था।
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