नए स्मार्टफोन में पहले से नहीं मिलेगा Aadhaar App, सरकार ने वापस लिया प्रस्ताव

भारत सरकार नए स्मार्टफोन में प्री-इंस्टॉल Aadhaar App के प्रस्ताव को वापस ले लिया है। इसकी पुष्टि UIDAI ने की है। बता दें कि इस प्रस्ताव को इस साल की शुरुआत में पेश किया गया था।

Published By: ajay verma | Published: Apr 18, 2026, 02:42 PM (IST)

भारत सरकार ने इस साल की शुरुआत में हर स्मार्टफोन में पहले से आधार ऐप (Aadhaar App) को इंस्टॉल करने का प्रस्ताव पेश किया था। इसके बाद स्मार्टफोन निर्माता कंपनियों ने सरकार की इस योजना का विरोध किया और सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। हालांकि, अब इस प्रस्ताव को वापस ले लिया गया है। इसकी जानकारी UIDAI ने साझा की है। इससे पुष्टि हो गई है कि अब नए मोबाइल फोन में पहले से इंस्टॉल आधार ऐप नहीं मिलेगा। इसे बाद में गूगल प्ले-स्टोर (Google Play Store) और एप्पल ऐप स्टोर (Apple App Store) से डाउनलोड किया जा सकेगा। और पढें: Aadhaar अपडेट करना हुआ आसान, अब मोबाइल नंबर और पता ऐसे बदलें घर बैठे

नए फोन में नहीं मिलेगा आधार ऐप

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने फोन में प्री-इंस्टॉल आधार ऐप अनिवार्य करने वाले फैसले को वापस लिया है। यह जानकारी यूआईडीएआई की ओर से दी गई है। इससे पहले फोन आधार ऐप इंस्टॉल होने का निर्णय लिया गया था। और पढें: Aadhaar Fraud का कभी नहीं होंगे शिकार, बस घर बैठे करें ये काम

रिपोर्ट में आगे बताया गया कि यूआईडीएआई का कहना है कि उसने सरकार के प्रस्ताव को लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के साथ चर्चा की। मंत्रालय को फोन में आधार ऐप देने का निर्णय ठीक नहीं लगा। इस कारण प्रस्ताव वापस लिया गया। आधार का इस्तेमाल पहचान का प्रमाण देने के लिए किया जाता है। इसका उपयोग बैंक में अकाउंट खुलवाने से लेकर सिम खरीदने तक के लिए किया जा सकता है। और पढें: e-PAN कार्ड के नाम पर आ रहा खतरनाक फर्जी ईमेल, सरकार ने जारी किया बड़ा अलर्ट, जानें क्या करें

क्यों किया कंपनियों ने विरोध ?

सैमसंग और एप्पल ने भारत सरकार के इस फैसले का विरोध किया था। कंपनियों का मानना था कि इस प्रस्ताव से यूजर्स की सुरक्षा खतरे में आ सकती है और प्रोडक्शन का प्रोसेस कठिन हो सकता है। इसके लिए अलग से प्रोडक्शन लाइन बनानी पड़ सकती है, जिससे लागत कई गुना बढ़ जाएगी।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि भारत सरकार ने इस तरह का प्रस्ताव पेश किया है। इससे पहले सरकार ने सरकारी ऐप को प्री-इंस्टॉल के तौर पर लाने की योजना पेश की थी। हालांकि, उस प्रस्ताव को भी वापस लिया गया।

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