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e-PAN कार्ड के नाम पर आ रहा खतरनाक फर्जी ईमेल, सरकार ने जारी किया बड़ा अलर्ट, जानें क्या करें

भारत सरकार ने लोगों को चेतावनी दी है कि e-PAN कार्ड के नाम पर फर्जी ईमेल आ रहे हैं। ये ईमेल लोगों को धोखा देकर उनकी निजी और बैंक जानकारी चुराने की कोशिश करते हैं। सरकार और Income Tax Department ने सतर्क रहने और किसी भी लिंक या अटैचमेंट को न खोलने की सलाह दी है। आइए जानते हैं...

Published By: Ashutosh Ojha | Published: Mar 09, 2026, 01:13 PM (IST)

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भारत सरकार ने नागरिकों को एक नए ऑनलाइन धोखाधड़ी (फिशिंग) से सावधान रहने की चेतावनी दी है। सरकार के अनुसार कुछ लोगों को ऐसा ईमेल मिल रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि यह मैसेज Press Information Bureau (PIB) की ओर से भेजा गया है और इसमें यूजर्स से ‘e-PAN Card’ डाउनलोड करने को कहा जा रहा है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि यह ईमेल पूरी तरह फर्जी है और इसका मकसद लोगों की निजी और वित्तीय जानकारी चुराना है। सरकार ने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट करके लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पोस्ट में बताया गया कि अगर आपको ऐसा ईमेल मिलता है तो उस पर किसी भी तरह की प्रतिक्रिया न दें और उसमें दिए गए लिंक या अटैचमेंट को बिल्कुल भी न खोलें।

फर्जी e-PAN ईमेल कैसे लोगों को धोखा देने की कोशिश करता है?

सरकारी एजेंसियों के मुताबिक इस तरह के फर्जी ईमेल बहुत चालाकी से बनाए जाते हैं ताकि वे असली लगें। इनमें अक्सर सरकारी लोगो या नाम का इस्तेमाल किया जाता है जिससे लोग आसानी से भरोसा कर लें। इस मामले में भी ईमेल पर PIB का टैग लगाया गया है ताकि यह आधिकारिक लगे। ईमेल में लोगों को e-PAN कार्ड डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है और इसके साथ एक लिंक या फाइल भी दी जाती है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे ही कोई व्यक्ति इस लिंक पर क्लिक करता है या फाइल डाउनलोड करता है, उसका डिवाइस मैलवेयर से संक्रमित हो सकता है या उसकी निजी जानकारी हमलावरों तक पहुंच सकती है। इसलिए ऐसे ईमेल से हमेशा सतर्क रहना जरूरी है।

Income Tax Department ने ऐसे ईमेल को लेकर क्या चेतावनी दी है?

इस मामले में Income Tax Department ने भी साफ किया है कि वह कभी भी ईमेल के जरिए लोगों से उनकी निजी या वित्तीय जानकारी नहीं मांगता। विभाग ने अपने एडवाइजरी में कहा है कि वह किसी भी व्यक्ति से ईमेल के माध्यम से बैंक पासवर्ड, पिन नंबर, क्रेडिट कार्ड डिटेल या बाकी संवेदनशील जानकारी शेयर करने के लिए नहीं कहता। अगर किसी ईमेल में इस तरह की जानकारी मांगी जाती है, तो समझ लेना चाहिए कि वह फर्जी है। इस तरह के साइबर अपराध को ‘फिशिंग’ कहा जाता है। इसमें अपराधी किसी भरोसेमंद संस्था बनकर लोगों को धोखा देते हैं और उनसे यूजरनेम, पासवर्ड, बैंक डिटेल या कार्ड जानकारी जैसी संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं।

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अगर आपको ऐसा संदिग्ध ईमेल मिले तो क्या करना चाहिए?

अगर आपको ऐसा कोई संदिग्ध ईमेल मिलता है तो सरकार ने कुछ जरूरी सावधानियां बताई हैं। सबसे पहले उस ईमेल का जवाब न दें और उसमें दिए गए किसी भी लिंक पर क्लिक न करें। साथ ही ईमेल में मौजूद अटैचमेंट को भी बिल्कुल न खोलें क्योंकि उनमें वायरस या मैलवेयर हो सकता है। अगर ईमेल Income Tax Department का होने का दावा करता है, तो उसे तुरंत webmanager@incometax.gov.in पर फॉरवर्ड करें और साथ ही incident@cert-in.org.in पर भी भेजें, जो कि Indian Computer Emergency Response Team (CERT-In) का आधिकारिक साइबर सुरक्षा केंद्र है। ईमेल रिपोर्ट करने के बाद उसे अपने इनबॉक्स से डिलीट कर दें। एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि कंप्यूटर और मोबाइल में एंटी-वायरस, एंटी-स्पायवेयर और फायरवॉल को हमेशा अपडेट रखना चाहिए ताकि ऐसे साइबर हमलों से बचा जा सके।