Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Mar 05, 2026, 09:30 AM (IST)
एयरपोर्ट पर बैग या लगेज खो जाना यात्रियों के लिए सबसे बड़ी परेशानियों में से एक होता है। कई बार बैग गलत फ्लाइट में चला जाता है या एयरपोर्ट के किसी दूसरे टर्मिनल में रह जाता है, लेकिन अब इस समस्या को हल करने के लिए Google ने एक नया फीचर पेश किया है। यह फीचर एंड्रॉयड यूजर्स को अपने लगेज की लाइव लोकेशन एयरलाइन के साथ शेयर करने की सुविधा देता है। इस फीचर की मदद से अगर आपका बैग खो जाता है, तो एयरलाइन स्टाफ उसे आसानी से ट्रैक कर सकता है। यह अपडेट एंड्रॉयड के नए फीचर रोलआउट का हिस्सा है और यह कंपनी के Find Hub सिस्टम के जरिए काम करता है। इससे यात्रियों को अपने सामान को ढूंढने में पहले से ज्यादा मदद मिल सकती है।
इस फीचर का इस्तेमाल तब किया जा सकता है जब आपके लगेज में कोई कंपैटिबल ट्रैकिंग टैग लगा हो जो Google Find Hub नेटवर्क से जुड़ा हो। अगर यात्रा के दौरान बैग कहीं खो जाता है, तो यूजर अपने फोन में Find Hub ऐप खोलकर उस आइटम को चुन सकता है और उसकी लोकेशन शेयर करने का ऑप्शन इस्तेमाल कर सकता है। इसके बाद सिस्टम एक सिक्योर लिंक बनाता है जिसमें बैग की लाइव लोकेशन मैप पर दिखाई देती है। इस लिंक को यूजर एयरलाइन की वेबसाइट या मोबाइल ऐप में लॉस्ट बैगेज रिपोर्ट दर्ज करते समय पेस्ट कर सकता है। इससे एयरलाइन को तुरंत पता चल सकता है कि बैग कहां है और वह किस दिशा में जा रहा है।
इस नए सिस्टम को कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों ने सपोर्ट करना शुरू कर दिया है। इनमें भारत की प्रमुख एयरलाइन Air India भी शामिल है। इसके अलावा AJet, China Airlines, Saudia Airlines, Scandinavian Airlines और Turkish Airlines जैसी कई एयरलाइंस इस फीचर को सपोर्ट कर रही हैं। इसके साथ ही Lufthansa Group की एयरलाइंस भी इस सिस्टम का हिस्सा हैं। भारत से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह खासतौर पर फायदेमंद हो सकता है क्योंकि वे सीधे एयरलाइन को अपने बैग की लोकेशन भेज सकेंगे। Google का कहना है कि आने वाले समय में और भी एयरलाइनों को इस सिस्टम से जोड़ा जाएगा।
प्राइवेसी और सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए Google ने इसमें कई सुरक्षा फीचर भी जोड़े हैं। यूजर द्वारा शेयर किया गया लोकेशन लिंक सात दिनों के बाद अपने आप एक्सपायर हो जाता है। इसके अलावा यूजर किसी भी समय लोकेशन शेयरिंग बंद कर सकता है। अगर फोन यह पहचान लेता है कि बैग वापस अपने मालिक के पास पहुंच गया है, तो लोकेशन शेयरिंग अपने आप बंद हो जाती है। कंपनी के अनुसार, Google के Find Hub सिस्टम के जरिए शेयर की जाने वाली लोकेशन End-to-end Encryption से सुरक्षित रहती है। यह फीचर एंड्रॉयड के बड़े अपडेट का हिस्सा है, जिसमें Google Messages में चैट के अंदर लाइव लोकेशन शेयरिंग जैसे नए फीचर भी शामिल किए गए हैं। इससे एंड्रॉयड यूजर्स को ट्रैवल के दौरान ज्यादा सुविधा और सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।