Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Jan 27, 2026, 09:37 AM (IST)
AirTag 2
Apple ने मंगलवार को अपने फेमस ट्रैकिंग डिवाइस AirTag का नया वर्जन लॉन्च कर दिया है। यह 2021 में आए पहले AirTag का अपग्रेड है, जिसका इस्तेमाल लोग अपने बैग, चाबियों, वॉलेट और लगेज जैसी चीजों को ट्रैक करने के लिए करते हैं। Apple ने इस नए मॉडल को AirTag 2 नाम देने के बजाय सिर्फ AirTag के नाम से ही पेश किया है, पुराने AirTag को कंपनी ने तुरंत बंद कर दिया है। नए AirTag की कीमत भारत में एक पीस के लिए 3,790 रुपये और चार के पैक के लिए 12,900 रुपये रखी गई है। यह डिवाइस इसी हफ्ते बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। Apple यूजर्स खासकर ट्रैवल करने वालों के बीच AirTag पहले से ही काफी फेमस है।
डिजाइन के मामले में नया AirTag लगभग पहले जैसा ही है। यह एक छोटा मेटल ट्रैकर है, जिसे आसानी से कीचेन में लगाया जा सकता है या बैग और सूटकेस में रखा जा सकता है, हालांकि अंदरूनी फीचर्स में बड़ा अपग्रेड किया गया है। नए AirTag में बेहतर Bluetooth चिप और ज्यादा पावर दी गई है, जिससे इसकी ट्रैकिंग रेंज पहले के मुकाबले करीब 50% ज्यादा हो गई है, यानी अब अगर आपका सामान कहीं खो जाए तो उसे दूर से ढूंढना पहले से ज्यादा आसान होगा। यह सुधार Apple के नए Second-Generation Ultra Wideband (UWB) चिप की वजह से संभव हुआ है।
यह वही Ultra Wideband चिप है, जो iPhone 17, iPhone Air, Apple Watch Ultra 3 और Apple Watch Series 11 जैसे नए Apple डिवाइसेज में भी इस्तेमाल हो रही है। इसके अलावा नए AirTag में अब लाउडर स्पीकर दिया गया है, जिसकी आवाज पहले से लगभग दोगुनी दूरी तक सुनी जा सकती है। इससे पास में रखा खोया हुआ सामान ढूंढना और आसान हो जाएगा। एक और खास नया फीचर यह है कि अब यूजर पहली बार Apple Watch से भी AirTag को ढूंढ सकते हैं, हालांकि इसके लिए Apple Watch Series 9, Ultra 2 या उससे नया मॉडल होना जरूरी है।
नया AirTag पहले की तरह ही Apple के Find My App के साथ काम करता है। यह App iPhone, iPad और Mac जैसे Apple डिवाइसेज को ढूंढने में पहले से इस्तेमाल किया जाता है। AirTag Bluetooth के जरिए Apple के बड़े Find My नेटवर्क से जुड़ता है। जब खोया हुआ AirTag किसी दूसरे Apple डिवाइस के पास आता है, तो उसकी लोकेशन अपने आप अपडेट होकर मालिक तक पहुंच जाती है, हालांकि AirTag को लेकर कुछ विवाद भी रहे हैं, खासकर स्टॉकिंग से जुड़े मामलों को लेकर। Apple का कहना है कि AirTag लोगों को ट्रैक करने के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ सामान ढूंढने के लिए बनाया गया है।