Written By Harshit Harsh
Edited By: Harshit Harsh | Published By: Harshit Harsh | Published: Aug 30, 2023, 08:39 PM (IST)
YouTube ने भारत में बड़ी कार्रवाई करते हुए अपने प्लेटफॉर्म से 1.9 मिलियन से ज्यादा वीडियोज हटा दिए हैं। Google ने अपने वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म YouTube पर जनवरी 2023 से लेकर मार्च 2023 में अपलोड किए गए इन वीडियो को हटाया है। रिपोर्ट की मानें तो यूट्यूब ने इन वीडियोज को अपनी कम्युनिटी गाइडलाइंस का उल्लंघन करने वाला माना है। यह यूट्यूब द्वारा किसी भी देश में हटाए गए सबसे ज्यादा वीडियोज हैं। इस दौरान यूट्यूब ने ग्लोबली 6.48 मिलियन यानी करीब 65 लाख वीडियो को अपने प्लेटफॉर्म से हटाया है। और पढें: YouTube में आए नए फिल्टर, पसंदीदा वीडियो सर्च करने में होगी आसानी
YouTube ने ग्लोबल कम्युनिटी गाइडलाइंस के तहत यूजर्स द्वारा रिपोर्ट किए गए डेटा के आधार पर इन वीडियोज के खिलाफ यह कार्रवाई की है। भारत के बाद अमेरिका से 6,54,968 वीडियो हटाए गए हैं। वहीं, रूस से 4,91,933 और ब्राजील के 4,49,759 वीडियो हटाए गए हैं। और पढें: YouTube ने TV App के लिए नया इंटरफेस किया लॉन्च, जानें क्या हैं बड़े बदलाव
इन वीडियोज को हटाने के बाद गूगल के वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ने स्टेटमेंट जारी करते हुए कहा कि शुरुआत से ही कंपनी अपनी कम्युनिटी गाइडलाइंस का ध्यान रख रही है। अपने प्लेटफॉर्म से लगातार हानिकारक कॉन्टेंट्स को हटाया जाता है। हम अपनी पॉलिसी के तहत कॉन्टेंट्स को मॉडरेट करने के लिए मशीन लर्निंग और ह्यूमन रिव्यूज का सहरा लेते हैं। और पढें: YouTube ने लॉन्च किया 2025 Recap, अब यूजर्स को मिलेगा ये फीचर
इस महीने की शुरुआत में YouTube ने कहा था कि गलत जानकारियों यानी फर्जी सूचनाएं हमारे प्लेटफॉर्म के लिए क्रिटिकल है और इसका असर समाज पर पड़ता है। इसके लिए हम टेक्नोलॉजी और AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल का इस्तेमाल कर रहे हैं। वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म इस तरह के फर्जी वीडियो और जानकारियों को हटाने के लिए प्रतिबद्ध है और कम्युनिटी गाइडलाइंस का पालन किया जा रहा है।
भारत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए बनाए गए नए नियमों के तहत 50 लाख से ज्यादा एक्टिव यूजर्स वाले प्लेटफॉर्म को हर महीने कंप्लायेंस रिपोर्ट जारी करनी होती है। इसमें यूजर्स और सोशल मीडिया कंपनी के बीच हुए ग्रीवांसेज के बारे में जानकारी शामिल होती हैं। सोशल मीडिया कंपनियों ने यूजर्स की शिकायतों का सही से समाधान किया या नहीं, इसके बारे में विवरण जारी करना होता है। हर महीने Google, Facebook, X (Twitter), Instagram जैसे प्लेटफॉर्म्स ऐसी कम्प्लायंसेज रिपोर्ट्स जारी करते हैं।