Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Feb 02, 2026, 05:00 PM (IST)
Union Budget 2026
Union Budget 2026-27 को 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया। इस बजट में सरकार का फोकस साफ तौर पर आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करने पर दिखता है। इस बजट का मकसद है भारत में बनने वाले घरेलू इलेक्ट्रॉनिक सामान को बढ़ावा देना और बाहर से आने वाले महंगे प्रोडक्ट्स पर निर्भरता कम करना है। सरकार ने कुछ होम अप्लायंसेज के पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी कम की है, जिससे देश में मैन्युफैक्चरिंग सस्ती होगी। वहीं कुछ इम्पोर्टेड और प्रोफेशनल मशीनों पर टैक्स बढ़ाया गया है, ताकि ‘Make in India’ को ताकत मिले। आइए जातने हैं… और पढें: Budget 2026: लिथियम-आयन पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी हुई कम, फोन और EV की बैटरी होंगी सस्ती
माइक्रोवेव ओवन के मामले में बजट 2026 में राहत दी गई है। सरकार ने माइक्रोवेव ओवन बनाने में इस्तेमाल होने वाले कुछ खास पार्ट्स और कंपोनेंट्स पर Basic Customs Duty (BCD) को पूरी तरह से माफ कर दिया है। इससे कंपनियों के लिए माइक्रोवेव ओवन की मैन्युफैक्चरिंग सस्ती होगी। इस बदलाव से प्रोडक्शन कॉस्ट कम होने से भविष्य में माइक्रोवेव ओवन की कीमतें घट सकती हैं, जिससे आम ग्राहकों को फायदा मिलेगा और किचन अप्लायंसेज खरीदना आसान हो जाएगा। और पढें: Budget 2026: कॉन्टेंट क्रिएशन को मिलेगा बढ़ावा, स्कूल-कॉलेज में खुलेंगे Creator Labs
Union Budget 2026 में कॉफी मशीनों के लिए एक बड़ा बदलाव किया गया है। सरकार ने कॉफी को रोस्ट करने और ब्रू करने वाली मशीनों पर मिलने वाली Basic Customs Duty (BCD) की छूट हटा दी है। इसका मतलब यह है कि अब जो प्रोफेशनल कॉफी मशीनें विदेश से भारत मंगाई जाती हैं, उन पर पहले से ज्यादा टैक्स देना होगा। इस बदलाव का सीधा असर यह होगा कि कैफे, होटल और रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाली इंपोर्टेड कॉफी मशीनें महंगी हो जाएंगी, जिससे बिजनेस की लागत बढ़ सकती है। और पढें: Budget 2026: सेमीकंडक्टर मिशन ISM 2.0 का ऐलान, 40,000 करोड़ का किया आवंटन
Union Budget 2026 में इलेक्ट्रिक व्हीकल और सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अहम फैसला लिया है। अब Li-ion बैटरियों में इस्तेमाल होने वाले सेल्स और सोलर पैनल बनाने में काम आने वाले सोलर ग्लास के कच्चे माल (Sodium Antimonate) पर Basic Customs Duty (BCD) को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। इससे इन जरूरी पार्ट्स को विदेश से मंगाना सस्ता हो जाएगा। इसका सीधा फायदा यह होगा कि इलेक्ट्रिक गाड़ियां और सोलर पावर सिस्टम बनाने की लागत कम होगी, जिससे EV की कीमतें घट सकती हैं और घरों व कंपनियों के लिए सोलर एनर्जी इंस्टॉलेशन पहले से ज्यादा सस्ता और आसान हो जाएगा।