UIDAI लोगों के लिए लेकर आया 'Udai', चुटकियों में देगा आधार से जुड़ी समस्याओं का समाधान

UIDAI udai Launched: यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने उदय शुभंकर को पेश किया है। यह एक तरह का चैटबॉट है, जिससे आधार से जुड़ी सेवाओं को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है।

Published By: ajay verma | Published: Jan 09, 2026, 12:10 PM (IST)

UIDAI udai Launched: यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी यूआईडीएआई ने लोगों को अतिरिक्त सुविधा प्रदान करने के लिए मैस्कॉट 'udai' को लॉन्च कर दिया है। यह एक डिजिटल आइडेंटिटी है, जो चैटबॉट की तरह काम करती है। इसको आधार सर्विस को बेहतर और समस्याओं के समाधान देने की बनाने की दिशा में लाया गया है। इसके जरिए आधार सेवाओं को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है। बता दें कि इस मैस्कॉट को राष्ट्रीय डिजाइन एवं नामकरण प्रतियोगिता के माध्यम से चुना गया और इसके नाम के लिए आम लोगों की राय भी ली गई थी। और पढें: रेलवे ने किया बड़ा बदलाव, तत्काल टिकट लेने के लिए शुरू हुई नई व्यवस्था

UIDAI का कहना है कि उदय को खासतौर पर देशवासियों के लिए लाया गया है। इसकी मदद से लोग आधार की सेवाओं को आसानी से समझ पाएंगे। यह जनता की समस्याओं का समाधान देगा। इससे लोग सेवाओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाएंगे। और पढें: 1 अप्रैल से बदल जाएंगे PAN Card के नियम, ये डॉक्यूमेंट चाहिए होंगे अब…

यूआईडीएआई के सीईओ भुवनेश कुमार ने बताया कि इस नई टेक्नोलॉजी के डिजाइन और नाम के लिए प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें देशभर से 875 लोगों ने हिस्सा लिया। इनमें छात्र और डिजाइनर आदि शामिल हैं। और पढें: LPG की किल्लत के बीच सरकार बड़ा फैसला, अब बिना e-KYC नहीं मिलेगा गैस सिलेंडर

इस कॉम्पिटिशन में केरल के त्रिशूर के अरुण गोकुल को मैस्कॉट के डिजाइन के लिए पहला ईनाम मिला। महाराष्ट्र के पुणे के इदरीस दवाईवाला और यूपी के कृष्णा शर्मा को दूसरा व तीसरा स्थान मिला। वहीं, नाम के लिए भोपाल की रिया जैन विजेता रही।

नवंबर 2025 में लॉन्च हुआ मोबाइल ऐप

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यूआईडीएआई ने नवंबर 2025 में Aadhaar ऐप लॉन्च किया था। इस ऐप का उपयोग Android और iPhone यूजर्स कर सकते हैं। इसमें आधार कार्ड की डिजिटल फॉर्म को सिक्योर रखने और दूसरों के साथ शेयर करने की सुविधा मिलती है। इसका उपयोग एमआधार के साथ किया जा सकता है।

फीचर्स की बात करें, तो आधार ऐप में परिवार के सदस्यों को जोड़ा जा सकता है। अच्छी बात यह है कि उनके आधार कार्ड को भी स्टोर किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए उनके फोन नंबर आधार से लिंक होने चाहिए। इसके अलावा, सुरक्षा के लिहाज से ऐप में बायोमेट्रिक लॉक का सपोर्ट दिया गया है। इसके जरिए QR कोड से डेटा तक शेयर किया जा सकता है।

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