TikTok पर अब फ्रांस ने लगाया बैन, भारत समेत ये देश पहले ही उठा चुके हैं ये कदम

फ्रांस ने शुक्रवार को टिकटॉक के इस्तेमाल करने पर प्रतिबंद लगा दिया है। इसके बाद सरकारी क्षेत्र में काम करने वाले अपने ऑफिस के फोन में Tiktok App को इंस्टॉल नहीं कर पाएंगे।

Published By: Rohit Kumar | Published: Mar 25, 2023, 05:12 PM (IST)

हाइलाइट

  • TikTok पर फ्रांस सरकार ने लगाया है।
  • सार्वजनिक क्षेत्र के लोग नहीं कर पाएंगे इस्तेमाल।
  • इससे पहले अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देश भी कर चुके हैं बैन।

TikTok भारत में पहले से बैन है और अब इस ऐप को फ्रांस सरकार द्वारा भी प्रतिबंधित किया जा चुका है। इसके साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों को उनके काम के फोन में इस ऐप को इंस्टॉल करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गोपनीयता और साइबर सुरक्षा में बढ़ते जोखिम से निपटने के लिए फ्रांस सरकार ने यह कदम उठाया है। और पढें: TikTok फैन्स के लिए बुरी खबर, भारत में बैन हटाने का नहीं है कोई प्लान, IT मंत्री ने दी जानकारी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फ्रांस ने शुक्रवार को TikTok के इस्तेमाल करने पर प्रतिबंद लगा दिया है। अब चाइनीज मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध लगने के बाद सार्वजनिक क्षेत्र में कार्य करने वाले कर्मचारी अपने काम के फोन में इस मनोरंजक मोबाइल ऐप को इंस्टॉल नहीं कर पाएंगे। इतना ही नहीं सार्वजनिक क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारी अपने फोन में मोबाइल गेमिंग ऐप कैंडी क्रश का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा नेटफ्लिक्स जैसे स्ट्रीमिंग ऐप भी शामिल हैं। और पढें: क्या वाकई चीनी ऐप TikTok भारत में होगा दोबारा लॉन्च ? सरकार व कंपनी ने बताई सच्चाई

इन देशों में पहले ही लग चुका है बैन

टिकटॉक पर पहली बार नहीं हुआ है कि किसी सरकार ने प्रतिबंध लगाया है। फ्रांस से पहले, नीदरलैंड, ब्रिटेन, अमेरिकी, कनाडा और न्यूजीलैंड जैसे देश प्रतिबंध लगा चुके हैं। भारत ने 15 जून 2020 में ही प्रतिबंधित कर दिया था। और पढें: TikTok ऐप अमेरिका में हुआ बैन, App Store और Play Store से भी हुआ रिमूव

क्या है टिकटॉप ऐप

टिकटॉक ऐप को स्वामित्व बायटेडांस के पास है। इस ऐप पर यूजर्स शॉर्ट्स वीडियो का आनंद उठाते थे। इसकी जगह अब Youtube Shorts और इंस्टाग्राम के Reels मौजूद हैं। रील्स और यूट्यूब के क्रिएटर्स को भी कमाई करने का मौका मिल रहा है। भारत में टिकटॉक ऐप पर बैन देश की सुरक्षा का हवाला देकर लगाया गया था।

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