Qualcomm ने मिलाया Tata Electronics से हाथ, अब भारत में बनेंगे ऑटोमेटिव मॉड्यूल

Qualcomm और Tata ने साझेदारी की घोषणा की है। इस करार से अब भारत में ऑटोमेटिव मॉड्यूल भारत में बनाए जाएंगे, जिससे Made In India पहल को बढ़ावा मिलेगा। इससे देश की स्थिति ग्लोबल स्तर पर बेहतर होगी।

Published By: ajay verma | Published: Feb 20, 2026, 05:51 PM (IST)

अमेरिकन चिप मेकर क्वालकॉम (Qualcomm) ने भारतीय कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स (Tata Electronics) के साथ साझेदारी का ऐलान किया है। इस पार्टनरशिप के तहत अब टाटा असम के जागीरोड स्थित फैक्टरी में क्वालकॉम के ऑटोमेटिव मॉड्यूल तैयार करेगी। इससे मेड इन इंडिया पहल को बढ़ावा मिलने के साथ ग्लोबल लेवल पर सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग की मजबूती मिलेगी। साथ ही, ऑटोमेटिव मॉड्यूल की मांग को भी पूरा किया जा सकेगा। और पढें: भारत में महंगे क्यों होते जा रहे हैं Smartphones? जानिए वजह

असम में बनेंगे ऑटोमेटिव मॉड्यूल

क्वालकॉम और टाटा ने साथ मिलकर बयान जारी कर कहा कि इस साझेदारी से डिजिटल कॉकपिट, इंफोटेनमेंट, कनेक्टिविटी और इंटेलिजेंट व्हीकल सिस्टम के लिए मॉड्यूल तैयार किए जाएंगे, जिससे एडवांस तकनीक का उपयोग किया जा सकेगा।  यह कार्य असम के जागीरोड स्थित सेमीकंडक्टर असेम्बली एवं टेस्टिंग यूनिट में किया जाएगा। इससे रोजगार में बढ़ोतरी आएगी और उस क्षेत्र का विकास भी होगा। और पढें: PM मोदी ने 3300 करोड़ रुपये से बनी सेमीकंडक्टर यूनिट का किया उद्घाटन, अब भारत बनेगा सेमीकंडक्टर का हब

क्वालकॉम के ऑटोमोटिव, इंडस्ट्रियल एवं एम्बेडेड आईओटी और रोबोटिक्स समूह के कार्यकारी उपाध्यक्ष एवं महाप्रबंधक नकुल दुग्गल का कहना है कि टाटा के साथ साझेदारी ऑटोमोबाइल के लिए बहुत अहम है। इससे कारोबार में तेजी आएगी और तकनीक का भी विकास होगा। साथ ही, भारतीय OVM कंपनियों को भी मजबूती मिलेगी। और पढें: क्या है Elon Musk का सबसे खास और बड़ा प्रोजेक्ट Terafab? जानें सब कुछ

भारत की स्थिति होगी बेहतर

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सीईओ और प्रबंध निदेशक रंधीर ठाकुर का कहना है कि इस पार्टनरशिप से कंपनी का स्टैंडर्ड बेहतर होगा और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग हब बनने का सपना साकार होगा। इससे भारत की स्थिति को मजबूती मिलेगी और तकनीक व सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में बढ़ावा मिलेगा।

एडवांस टेक्नोलॉजी होगी विकसित

ग्लोबल स्तर पर एडवांस टेक्नोलॉजी की मांग बढ़ गई है। इस कारण मॉड्यूल की डिमांड भी बढ़ी है। टाटा और क्वालकॉम के बीच साझेदारी से इस मांग को पूरा किया जा सकेगा, जिससे वाहनों में लेटेस्ट टेक्नोलॉजी देखने को मिलेगी। इससे न केवल भारतीय वाहन कंपनियों को फायदा होगा बल्कि ग्लोबल कंपनियों को भी लाभ पहुंचेगा। इस पार्टनरशिप से अंतराष्ट्रीय स्तर पर किसी एक की निर्भरता कम हो जाएगी।

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