क्या है Elon Musk का सबसे खास और बड़ा प्रोजेक्ट Terafab? जानें सब कुछ
Elon Musk का Terafab प्रोजेक्ट एक बड़ा और फ्यूचर वाला प्लान है, जिसमें Tesla और SpaceX मिलकर खुद के AI चिप्स बनाएंगे। इसका मकसद कंप्यूटिंग, रोबोटिक्स और स्पेस टेक्नोलॉजी को और बेहतर बनाना है, जिससे भविष्य की जरूरतें पूरी हो सकें। आइए जानते हैं...
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Mar 25, 2026, 01:34 PM (IST)
Elon Musk ने एक बड़ा ऐलान करते हुए बताया है कि उनकी कंपनियां Tesla और SpaceX मिलकर एक नया चिप मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही हैं, जिसका नाम 'Terafab' रखा गया है। यह फैक्ट्री अमेरिका के ऑस्टिन, टेक्सास में बनाई जाएगी। इस प्रोजेक्ट का मकसद AI, रोबोटिक्स और डेटा सेंटर्स के लिए हाई-परफॉर्मेंस चिप्स बनाना है। रिपोर्ट के अनुसार, इस फैक्ट्री का लक्ष्य हर साल 1 टेरावॉट कंप्यूटिंग पावर तैयार करना है, जो कि बहुत बड़ा आंकड़ा माना जाता है। इससे भविष्य में स्पेस और धरती दोनों जगह बड़े स्तर पर कंप्यूटिंग की जरूरत पूरी की जा सकेगी।
Elon Musk को खुद की चिप फैक्ट्री बनाने की जरूरत क्यों पड़ी?
Elon Musk ने कहा कि यह प्रोजेक्ट इसलिए जरूरी है क्योंकि उनकी कंपनियों की चिप्स की मांग इतनी तेजी से बढ़ रही है कि मौजूदा सप्लाई चेन इसे पूरा नहीं कर पा रही है। अभी Samsung, TSMC और Micron जैसी कंपनियां चिप्स सप्लाई करती हैं, लेकिन उनकी Production Capacity लिमिटेड है। Elon Musk के अनुसार, ये कंपनियां जितनी तेजी से प्रोडक्शन बढ़ा सकती हैं, वह उनकी जरूरतों के मुकाबले कम है। इसलिए उन्होंने खुद का Advanced Semiconductor Fabs बनाने का फैसला लिया है, जहां चिप्स को डिजाइन, बनाना, टेस्ट करना और सुधारना सारे काम एक ही जगह पर किया जाएगा।
Terafab में किस तरह के चिप्स बनेंगे और उनका इस्तेमाल कहां होगा?
इस 'Terafab' प्रोजेक्ट के तहत दो तरह के चिप्स बनाए जाएंगे। पहला चिप 'Edge and Inference' के लिए होगा, जो खास तौर पर कार, रोबोटैक्सी और Optimus जैसे ह्यूमनॉइड रोबोट्स में इस्तेमाल होगा। दूसरा चिप ज्यादा पावरफुल होगा, जो स्पेस में इस्तेमाल के लिए डिजाइन किया जाएगा। Elon Musk का कहना है कि इन चिप्स का बड़ा हिस्सा उनकी AI कंपनी xAI इस्तेमाल करेगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फैक्ट्री 2 नैनोमीटर टेक्नोलॉजी पर आधारित चिप्स बना सकती है, जो आज के समय की सबसे एडवांस्ड टेक्नोलॉजी में से एक मानी जाती है, हालांकि Elon Musk ने अभी तक इस प्रोजेक्ट की टाइमलाइन या प्रोडक्शन शुरू होने की तारीख के बारे में कोई साफ जानकारी नहीं दी है।
क्या यह प्रोजेक्ट इंसान को स्पेस में नई दुनिया बसाने में मदद करेगा?
Elon Musk का मानना है कि यह प्रोजेक्ट इंसान को 'Galactic Civilization' बनने की दिशा में आगे ले जाएगा। उन्होंने एक ऐसे भविष्य की कल्पना की है, जहां स्पेस में डेटा सेंटर सैटेलाइट्स होंगे, जो मुश्किल कंप्यूटिंग का काम करेंगे। Elon Musk ने एक छोटे AI डेटा सेंटर सैटेलाइट का मॉडल भी दिखाया, जिसकी पावर 100 किलोवॉट हो सकती है। Federal Communications Commission से SpaceX पहले ही लाखों सैटेलाइट लॉन्च करने की अनुमति मांग चुका है। Elon Musk का कहना है कि आने वाले समय में ये सैटेलाइट्स मेगावॉट पावर तक पहुंच सकते हैं, हालांकि पहले भी उनके कई प्रोजेक्ट्स की टाइमलाइन लेट हुई है, इसलिए इस प्रोजेक्ट की सफलता और समयसीमा पर नजर बनी रहेगी।
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