Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Mar 12, 2026, 12:56 PM (IST)
Meta anti-scam tools
Meta Platforms ने अपने प्रमुख मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp, Facebook और Messenger पर ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने के लिए नए Anti-Scam Tools पेश किए हैं। कंपनी का कहना है कि इन फीचर्स का उद्देश्य यूजर्स को आम ऑनलाइन ठगी से सुरक्षित रखना है। इन नए टूल्स में In-app alerts, Better Safety Controls और Better Security Controls For Banks & Tech Companies के साथ पार्टनरशिप शामिल है। Meta के मुताबिक, ये सिस्टम खासतौर पर उन स्कैम तरीकों को रोकने के लिए बनाया गया है जिनमें किसी की पहचान बनकर ठगी करना, नकली निवेश योजनाएं दिखाना या यूजर के अकाउंट को अपने कब्जे में लेने की कोशिश करना शामिल है। कंपनी का मानना है कि इन नई सुरक्षा सुविधाओं से लोग जल्दी पहचान सकेंगे कि कोई मैसेज या रिक्वेस्ट असली है या फर्जी। और पढें: WhatsApp ला रहा है ‘Strict Account Settings’ फीचर, अब आपकी चैट और कॉल रहेंगे पूरी तरह सुरक्षित
इन नए अपडेट्स में सबसे खास फीचर WhatsApp पर आने वाला Device Linkage Warning है। यह फीचर तब अलर्ट देगा जब किसी यूजर का WhatsApp अकाउंट किसी नए डिवाइस से लिंक करने की कोशिश की जाएगी। WhatsApp में पहले से ही ‘Linked Devices’ फीचर मौजूद है, जिससे यूजर अपने लैपटॉप या टैबलेट पर भी चैट एक्सेस कर सकते हैं, लेकिन हाल के समय में स्कैमर्स इसी फीचर का फायदा उठाकर लोगों को धोखा देने की कोशिश कर रहे थे। वे यूजर को किसी बहाने से अकाउंट लिंक कराने के लिए फंसाते हैं, जिससे उन्हें चैट तक पहुंच मिल जाती है। अब नया सिस्टम ऐसे संदिग्ध प्रयासों को पहचान कर यूजर को तुरंत चेतावनी देगा और बताएगा कि अगर अकाउंट लिंक किया गया तो कोई दूसरा व्यक्ति उनके मैसेज पढ़ सकता है।
इस नए सेफ्टी सिस्टम के तहत जब भी कोई संदिग्ध डिवाइस लिंकिंग रिक्वेस्ट आएगी, WhatsApp स्क्रीन पर साफ चेतावनी दिखाएगा। इसमें बताया जाएगा कि नया डिवाइस आपके अकाउंट से जुड़ने की कोशिश कर रहा है और उसे चैट एक्सेस मिल सकता है। साथ ही यूजर को यह सलाह दी जाएगी कि वे रिक्वेस्ट को स्वीकार करने से पहले उसे ध्यान से जांच लें। कंपनी के अनुसार, यह फीचर खासतौर पर उन मामलों को रोकने में मदद करेगा जहां स्कैमर्स लोगों को QR कोड स्कैन कराने या लिंक भेजकर अकाउंट एक्सेस लेने की कोशिश करते हैं। इस तरह यूजर को पहले से जानकारी मिल जाएगी और वे सावधानी से फैसला ले सकेंगे।
इसके अलावा Messenger और Facebook पर भी नई सुरक्षा सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं। Messenger में अब AI-Based स्कैम डिटेक्शन को और ज्यादा देशों में बढ़ाया जा रहा है। अगर किसी नए कॉन्टैक्ट के साथ बातचीत में स्कैम जैसे पैटर्न दिखते हैं, तो ऐप यूजर को चेतावनी देगा और चाहे तो AI से उस चैट की समीक्षा भी करवा सकता है। वहीं Facebook पर एक नया सिस्टम टेस्ट किया जा रहा है जो संदिग्ध फ्रेंड रिक्वेस्ट मिलने पर अलर्ट दिखाएगा। उदाहरण के लिए, अगर किसी अकाउंट के बहुत कम म्यूचुअल फ्रेंड हों या उसकी लोकेशन अलग देश की हो, तो यूजर को सावधान रहने का मैसेज मिलेगा।