सरकार का बड़ा एक्शन, फर्जी इन्वेस्टमेंट वाली 100 वेबसाइट पर लगा ताला

सरकार ने 100 वेबसाइट पर ताला लगा दिया है। इन वेबसाइट्स के जरिए ऑनलाइन वित्तीय फ्रॉड किया जा रहा था। लोगों को पार्ट टाइम जॉब के नाम पर लूटा जा रहा था।

Published By: harshit harsh | Published: Dec 06, 2023, 06:48 PM (IST)

हाइलाइट

  • सरकार ने 100 वेबसाइट पर ताला लगा दिया है।
  • इन वेबसाइट्स के जरिए ऑनलाइन फ्रॉड किया जा रहा था।
  • लोगों को पार्ट टाइम जॉब दिलाने के नाम पर यह फ्रॉड हो रहा था।

MeitY ने फर्जी इन्वेस्टमेंट वाले 100 वेबसाइट पर ताला लगा दिया है। आईटी मिनिस्ट्री ने गृह मंत्रालय के निर्देश पर यह बड़ा एक्शन लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन वेबसाइट को विदेशों से ऑपरेट किया जा रहा था। भारत में बढ़ते साइबर अपराध और वित्तीय फ्रॉड की घटनाओं को देखते हुए आईटी मिनिस्ट्री ने यह कदम उठाया है। गृह मंत्रालय को नेशनल साइबर क्राइम थ्रेट एनलाइटिक्स यूनिट (NCTAU) की तरफ से पिछले सप्ताह इन वेबसाइट के जरिए हो रहे अवैध इन्वेस्टमेंट करवाए जा रहे थे। इन वेबसाइट्स के जरिए लोगों को पार्ट टाइम जॉब के नाम पर ठगा जा रहा था। और पढें: 1 मई से ऑनलाइन गेमिंग में होगा बड़ा बदलाव, MeitY के ये नए नियम होंगे लागू

बड़े स्तर पर हो रहा था फ्रॉड

MeitY ने इन वेबसाइट्स पर IT Act 2000 के तहत कार्रवाई की है। इन वेबसाइट्स के जरिए टास्क बेस्ड ऑर्गेनाइज्ड तरीके से अवैध वित्तीय अपराध किए जा रहे थे, जिन्हें विदेशों से डिजिटल एडवर्टाइजमेंट्स के जरिए प्रमोट किया जा रहा था। इन वेबसाइट्स के जरिए बड़े स्तर पर ऑनलाइन फ्रॉड किया जा रहा था। और पढें: MeitY ने सख्त नियम प्रस्तावित किए, AI से बना कंटेंट पहचानना होगा आसान

इससे पहले आईटी मिनिस्ट्री ने 232 ऐप्स को भी बैन किया था, जो विदेशों से ऑपरेट किए जा रहे थे। इन ऐप्स में से ज्यादातर चीनी ऐप्स थे और बेटिंग, गैम्बलिंग आदि को बढ़ावा दे रहे थे। इन वेबसाइट्स में फिनटेक फर्म LazyPay, IndiaBulls Home Loans और Kissht आदि शामिल हैं। और पढें: भारत सरकार ने स्पष्ट साफ किया, स्मार्टफोन कंपनियों से नहीं मांगा जाएगा सोर्स कोड

ऑनलाइन फ्रॉड पर लगाम लगाने की तैयारी

इसके अलावा सरकार तेजी से बढ़ रहे ऑनलाइन धोखाधड़ी यानी साइबर फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। पिछले दिनों सरकार ने बल्क में सिम कार्ड बेचने वाले डीलर्स को पुलिस वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य कर दिया। इसके अलावा 1 जनवरी से सरकार ने SIM कार्ड खरीदने वाले यूजर्स के लिए नया KYC नियम लाने का फैसला किया है। यूजर्स अब बिना किसी पेपर वाले डॉक्यूमेंट के नया सिम कार्ड जारी करा सकेंगे। इससे डॉक्यूमेंट के गलत इस्तेमाल पर लगाम लगेगा और साइबर फ्रॉड के मामलों में भी कमी आएगी।

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