भारत सरकार ने स्पष्ट साफ किया, स्मार्टफोन कंपनियों से नहीं मांगा जाएगा सोर्स कोड
हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि भारत सरकार जल्द ही स्मार्टफोन कंपनियों से उनके फोन का सोर्स कोड मांग सकती है लेकिन सरकार ने इसे गलत बताया है। आइए जानते हैं...
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Jan 12, 2026, 10:56 AM (IST) | Edited: Jan 12, 2026, 10:58 AM (IST)
हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि भारत सरकार जल्द ही स्मार्टफोन कंपनियों को उनके फोन का सोर्स कोड सरकार को देने के लिए बाध्य कर सकती है। इस पर सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह जानकारी गलत है। Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) ने कहा कि अभी मोबाइल सुरक्षा पर सिर्फ विचार-विमर्श चल रहा है और कोई अंतिम नियम तय नहीं हुए हैं। सरकार ने इस मामले में फेक खबर फैलने से रोकने के लिए पब्लिक क्लैरिफिकेशन भी जारी किया।
सरकार ने क्या कहा?
सरकार ने बताया कि MeitY फिलहाल उद्योग जगत के साथ मोबाइल सुरक्षा के लिए संभावित नियमों पर चर्चा कर रहा है। यह प्रक्रिया सामान्य कंसल्टेशन का हिस्सा है, जो किसी भी नए सुरक्षा मानक को लागू करने या पुराने मानकों को अपडेट करने से पहले की जाती है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि अभी तक कोई फाइनल फ्रेमवर्क तय नहीं हुआ है और भविष्य में कोई भी नियम तभी लागू होंगे जब उद्योग जगत से डिटेल्ड विचार-विमर्श हो जाएगा।
क्या कंपनियों को सच में सोर्स कोड देना पड़ेगा?
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि प्रस्तावित सुरक्षा मानकों में सोर्स कोड की जानकारी सरकार को देना, बड़े सॉफ्टवेयर अपडेट की जानकारी देना और कुछ सॉफ्टवेयर स्तर पर बदलाव करना शामिल हो सकता है, हालांकि सरकार ने इन रिपोर्ट्स को गलत बताया। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि इन मानकों को लागू करने की योजना से Apple, Samsung जैसी वैश्विक कंपनियों ने विरोध जताया क्योंकि उनका कहना है कि इससे संवेदनशील व्यावसायिक जानकारी सामने आ सकती है।
IT Secretary ने क्या कहा?
रिपोर्ट में कुछ और सुरक्षा उपायों का भी जिक्र था, जैसे कि प्री-इंस्टॉल ऐप्स को हटाने की अनुमति, कैमरा और माइक्रोफोन को बैकग्राउंड में काम करने से रोकना, मैलवेयर स्कैन करना जरूरी बनाना, सिस्टम के लॉग्स को एक साल तक रखना और सॉफ्टवेयर अपडेट के बारे में पहले जानकारी देना लेकिन इंडस्ट्री ग्रुप MAIT ने इन उपायों का विरोध किया है। उनका कहना है कि इससे यूजर का अनुभव खराब हो सकता है, बैटरी जल्दी खत्म हो सकती है और सॉफ्टवेयर अपडेट देने में दिक्कत आएगी। सरकार ने सभी से कहा है कि इन बातों को बहुत गंभीरता से न लें, IT Secretary S. Krishnan ने कहा कि अभी जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लिया जाएगा। इंडस्ट्री की असली चिंताओं को ध्यान में रखकर ही आगे कदम उठाए जाएंगे। इसलिए फिलहाल स्मार्टफोन कंपनियों को सोर्स कोड शेयर करना जरूरी नहीं है।
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